Friday, December 31, 2010

बागी धरती को कांटे मिले तो कुछ फूल भी !

'वह बात क्या करूं जिसकी खबर ही ना हो, वह दुआ क्या करूं जिसमें असर ही ना हो, कैसे कह दूं तुझे लग जाए मेरी उमर, क्या पता अगले पल मेरी उमर ही ना हो..'। वक्त से बड़ा व उससे बलवान न कोई हुआ है और न होगा। यहीं फूलों का दामन है और यहीं कांटों की सेज भी। जिसने इसकी महत्ता को भांप लिया वह मुकद्दर का सिकंदर बन बैठा, जिसने इसकी अहमियत न समझी वह लकीर का फकीर बन गया। खुशियों की चाहत में वर्ष 2010 में बागी धरती को कुछ कांटे मिले तो कुछ फूल भी। आपराधिक वारदातों से मानवता जहां सिसकती रही वहीं प्रकृति की मार भी ओझवलिया नाव हादसे के रूप में हमें झेलनी पड़ी। इन सबके बीच 'अनमोल नगीने' के रूप में कुछ ऐसी भी प्रतिभाएं उभर कर सामने आयीं जिन्होंने अपने कृत्यों से महर्षि भृगु की सरजमीं को राष्ट्रीय फलक पर न सिर्फ भरपूर सम्मान दिलाया अपितु अपने नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित भी करा लिये।

सड़क हादसा: तिरुपति बाला जी के दर्शन को गये चिलकहर क्षेत्र के सपा विधायक सनातन पाण्डेय के परिवार के चार सदस्य तीन जनवरी को वहां हुई सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समा गये थे।

अपराध: मनियर कस्बे में तीन जनवरी को किराना व्यवसायी सुदामा गुप्त को रंगदारी टैक्स के लिए बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। 23 अप्रैल की दोपहर में दुबहर थाना क्षेत्र के धरनीपुर मोड़ पर बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में भारतीय स्टेट बैंक की रामगढ़ शाखा के गार्ड नंदलाल सिंह व चपरासी गजाधर पाण्डेय को गोली मार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। इस दौरान उनके पास से बक्से में रखे दस लाख रुपये भी लूट लिये गये थे।

प्रकृति की मार: 14 जून की सुबह जनपदवासियों के लिए कहीं से सुखद नहीं रही। बागी भूमि रो पड़ी थी उस दिन। गंगा तट के ओझवलिया घाट पर मुण्डन संस्कार के दौरान हुए नाव हादसे में 63 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ गयी थी। तब शवों से पट गया था पोस्टमार्टम हाउस। एक तरफ गंगा की लहरों से शव बाहर निकाले जा रहे थे तो दूसरी ओर एक के बाद एक चिताएं जलती जा रही थीं। नाव पर सवार 80 लोगों में से 17 को उस दिन जीवन दान मिला था।

घोटाला: जनपद में भ्रष्टाचार का पूरे साल बोलबाला रहा। खाद्यान्न घोटाला जहां सुर्खियों में रहा वहीं शिक्षा विभाग, समाज कल्याण समेत अन्य कई विभागों में गबन के मामले चर्चा में रहे। बैंकों से फर्जी हस्ताक्षर बनाकर लाखों की हेराफेरी का भी मामला भी प्रकाश में आया।

रेड रिबन एक्सप्रेस: अधिक भीड़ जुटा बलिया ने पूरे भारत में न सिर्फ पहला स्थान हासिल किया बल्कि पुरस्कार भी जीता। इस कामयाबी के पीछे प्रशासन के अलावा उन चेहरों को कतई नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने अपना भरपूर सहयोग देकर इस कार्यक्रम को अर्श की ऊंचाइयां दी। इस क्रम में पहला नाम आता है राष्ट्रीय चिकित्सा रत्‍‌न से नवाजे गये शारदा हास्पिटल के चिकित्सक डा.जेपी शुक्ल का।
खेलकूद: दो दिसम्बर को अमृतसर में खो-खो की सब जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप में निधि को बेस्ट चेजर का अवार्ड मिला।

संवेदना की ऋचाएं हैं सुन्दर जी की रचनाएं !

साहित्य के शलाका पुरुष एवं काव्य पुरोधा जगदीश ओझा सुन्दर बलिया की माटी की सुगन्ध तो थे ही उनकी कविताएं चेतना से ओत प्रोत हैं। यह चेतना मात्र भाव संचार ही नहीं करती प्रत्युत एक वैचारिकी भी बन जाती है। उनकी समग्र रचना संवेदना की ऋचाएं हैं।

यह उद्गार डा.इन्द्रदत पाण्डेय के हैं। वह मानवीय साहित्यक मंच द्वारा भृगु मंदिर परिसर में आयोजित कविवर सुन्दर जी की 98वीं जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित जनों को सम्बोधित कर रहे थे। संचालक डा.भरत पाण्डेय ने सुन्दर जी को सर्वहारा का प्रतिनिधि रेखांकित करते हुए उनके विद्रोही स्वरों को उद्धृत किया 'चली ना घुरहुआ त देस नाही चली हो'। डा.जनार्दन राय ने 'मैं दर्दो के गीत न गाता खुद पीड़ा गाती है' उद्धृत करते हुए सुन्दर जी की काव्य सर्जना अक्षय संजीवनी शक्ति पीड़ा को निरूपित किया। जयन्ती समारोह को सम्बोधित व पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में प्रो.बनारसी राम, डा.जनार्दन चतुर्वेदी 'कश्यप', सीताराम पाण्डेय 'प्रशान्त', जेपी पाण्डेय, अनन्त प्रसाद राम भरोसे, अनुरोध यादव, अशोक ओझा आदि भी शामिल रहे।

प्रयोग के ऐन वक्त यूरिया का ब्लैक!

यूरिया के अभाव को लेकर किसान फ्रंट की त्वरित बैठक कार्यालय पर की गयी। खाद संकट को कृत्रिम बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन एवं प्राइवेट खाद विक्रेताओं की मिली भगत से ऐसा हो रहा है। ऐन खाद डालने के वक्त सहकारी दुकानों और बाजारों से यूरिया को गायब करने के पीछे महंगी व ब्लैक में मिलावटी यूरिया को बेचकर अधिकाधिक लाभ कमाने का लक्ष्य है। वक्ताओं ने कहा कि इससे जहां किसानों की खेती बरबाद होगी आम गरीब अन्न व भोजन से संकटग्रस्त होगा। वक्ताओं ने कहा कि ऐसा केवल स्थानीय मुनाफाखोरी व भ्रष्टाचार के कारण ही नहीं है बल्कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की नीतिगत योजना के तहत कृषि को संकटग्रस्त किया जा रहा है ताकि किसान अपनी खेती मजबूरन देशी, विदेशी बड़ी कम्पनियों के हवाले कर दें। महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा व पश्चिमी उप्र में ठेका खेती वाली नई कृषि नीति के तहत पूंजीवादी साम्राज्यवादी कंम्पनियों की बढ़ती कब्जेदारी को दिखाते हुए वक्ताओं ने कहा कि पूर्वी उप्र में भी वैसा ही करने के लिये खाद, बीज, बिजली, सिंचाई, डीजल की महंगाई, कभी किल्लत पैदा की जा रही है। यदि यूरिया तत्काल बाजार में सही रेट पर उपलब्ध नहीं करायी गयी तो आन्दोलन तेज किया जायेगा। हल्दी, रानीगंज, नगरा, फेफना आदि दर्जनों प्रमुख फ्रंट केन्द्रों पर बैठक कर संघर्ष भी रणनीति बनायी जाएगी। बैठक् में प्रनेश कुमार ंिसह, कलामुद्दीन, बलिराम सिंह, राम एकबाल, सुरेश जी, डा.रामानंद, शिवाजी, विनोद सिंह, जावेद, रामजनम, पिन्टू सिंह, अंजनी ठाकुर, विक्रमा आदि मौजूद थे। अध्यक्षता जनार्दन सिंह ने किया।

Sunday, December 26, 2010

ध्यान से दूर होती है मन की विकृति !

जिस प्रकार गंदे जल की सफाई के बाद कुंए से स्वच्छ जल निकलने लगता है उसी प्रकार अन्त:करण स्वच्छ होते ही व्यक्ति परमानंद रूपी जल से भर जाता है। उक्त बातें आर्ट आफ लिविंग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय योग शिविर के मेडिटेशन कोर्स की समाप्ति पर बंगलूर आश्रम से लौटे स्वामी आत्मानंद ने कही। शिविर में मौजूद आयकर निरीक्षक एके सिंह ने अनुभव सुनाते हुए बताया कि यहां जो शांति एवं आनंद की अनुभूति हुई है और कहीं नहीं मिली। चार्टड अकाउन्टेण्ट शेखर ने बताया कि सुख-चैन आदि बातें किताबों में पढ़ी थी जो यहां आने पर महसूस हुईं। अन्य प्रतिभागियों ने बताया कि आसन से शरीर शुद्ध होता है। प्राणायाम से सांस शुद्धि तथा प्राण शक्ति बढ़ती है। ध्यान से मन की विकृतियां दूर होती हैं। शिविर में सुशील भैया, डा.आशुतोष, रीतेश, चेतन, राजेश, रतन, परमेश्वरानंद, चंदना दीदी, रतन दीदी आदि का प्रमुख योगदान रहा। प्रसाद वितरण के बाद समापन हुआ।

Tuesday, December 14, 2010

--चालू नहीं करना था तो बनाये ही क्यों ?



घाघरा दियरांचल की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कुसौरी कला ग्राम सभा में 6 महीने पूर्व लगभग 65 लाख की लागत से नवनिर्मित 4 बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से इसका लाभ दियरांचल की जनता को नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रीय विधायक शिवशंकर चौहान के प्रयास से निर्मित इस केन्द्र के बनने से क्षेत्र की जनता में जितनी प्रसन्नता व्याप्त भी आज छ: महीने से इसके उद्घाटन की औपचारिकता नहीं पूर्व होने से ग्रामवासी उतने ही परेशान हैं। इस सम्बंध में कुसौरी कला के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान शिवचन्द्र प्रजापति का कहना है कि मेरे स्तर से इसे जल्द शुरू कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी को भी पत्र प्रेषित किया गया है। संतोष कुमार कहते है कि इसके शुरू नहीं होने के कारण क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं की 50000 जनता को रेवती अथवा सहतवार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दौड़ लगानी पड़ती है। लालचन्द रजक, सत्य प्रकाश पाण्डेय व सुभाष गुप्त का कहना है कि क्षेत्रीय विधायक श्री चौहान के प्रयास से दियरांचल की जनता को तोहफा तो मिल चुका है किन्तु उन्हे इसके उद्घाटन सम्बन्धी औपचारिकता की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।

नये साल से शुरू हो जाएगा कामकाज

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेवती के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.वीएम प्रसाद का कहना है कि बहुत जल्द यहां एक चिकित्साधिकारी व स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति होने वाली है। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है। नये साल से कुसौरी कलां का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र काम करना शुरू कर देगा।

भ्राता वही जो भाई की विपत्ति को बांटे न कि सम्पत्ति !

भाई वही है जो अपने भाई की विपत्ति को बांटे न कि पैतृक सम्पत्ति को। श्री हरिवंश बाबा इण्टर कालेज, पूर के प्रांगण में त्रिदिवसीय, कविलचक्रचूड़ा मणि महाकवि तुलसीदास कृत रामचरितमानस आधारित कथा वाचन के दौरान यह बातें पं.अमरनाथ त्रिपाठी ने कही। कथा का प्रारम्भ उन्होंने मानस नायक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की स्तुति से की।

कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में मानव जीवन का उद्देश्य अध्यात्म के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति है जबकि पाश्चात्य संस्कृति भोगवादी है तथा उसका उद्देश्य अधिक से अधिक भौतिक संसाधनों की प्राप्ति है। अपने देश पर भी पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव पड़ा है। यद्यपि देश में भौतिककता का विकास हुआ किंतु नैतिकता का ह्रास हुआ। मानव जीवन दुर्लभ है। जो मानव अपने धर्म, संस्कृति एवं नैतिकता की रक्षा करता है उसका जीवन धन्य है अन्यथा उसका जीवन व्यर्थ है। कथा के माध्यम से उन्होंने नवयुवकों को राम और भरत के जीवन का अनुकरण करने के लिये कहा। मानस कथा के माध्यम से उन्होंने संयुक्त परिवार की सराहना की। संयुक्त परिवार का आदर्श राम के परिवार को बताया। तमोगुणी लोभ को परिवार विघटन का कारण बताया। मंथरा तमोगुणी लोभ का प्रतीक है और कैकेयी क्रियाशक्ति की। तमोगुणी लोभ के वृत्ति से आवृत्त कैकेयी ने अधार्मिक कृत्य किया जिसके परिणाम स्वरूप राम को 12 वर्ष का वनवास हुआ। अयोध्या वीरान हो गयी तथा राजा दशरथ के पुत्र शोक से मृत्यु हो गयी। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि व्यक्ति के साथ केवल उसका धर्म ही जाता है न कि उसकी धन सम्पत्ति।

Monday, December 13, 2010

कलई खुल जाने के डर से नहीं लिखवा रहे दीवार पर नाम !

जिलाधिकारी का एक फरमान कोटेदारों के गले का फांस बन गया है। 90 फीसदी कोटेदारों ने अभी तक अपनी दुकानों पर अन्त्योदय व बीपीएल कार्ड धारकों की सूची को वाल पेन्टिंग नहीं कराया है। जानकार लोगों का मानना है कि वाल पेंटिंग करा दिये जाने से लम्बे अर्से से मलाई काट रहे दुकानदारों की कलई खुल जायेगी। बताते है कि कुछ ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां काफी संख्या में बीपीएल व अन्त्योदय कार्ड विभागीय मिली भगत से जारी किये गये हैं उन राशन कार्डो पर खाद्यान्न का उठान प्रतिमाह तो किया जाता है किन्तु कार्ड धार को पता नहीं है कि उनके नाम के राशन का उठान भी किया जाता है। यदि वालपेटिंग हो गयी तो कार्ड धारक जागरूक व सतर्क हो जायेंगे तथा अपने हिस्से का राशन भी मांगना शुरू कर देंगे। इस तरह दुकानदारों के सब किये कराये पर पानी फिर जायेगा। बता दें कि कुछ दिनों पूर्व जिलाधिकारी सेंथिल पाण्डियन सी ने निर्देश जारी कर कहा था कि सभी कोटेदारों को अपनी-अपनी दुकानों पर अन्त्योदय व बीपीएल कार्ड धारकों की सूची को वाल पेंटिग कराना आवश्यक है। इस आदेश के बाद कुछ कोटेदारों ने तो सक्रियता दिखाते हुए वालपेटिंग करा दिया किन्तु अधिकांश ने अभी तक ऐसा करना मुनासिब नहीं समझा है। इस सम्बंध में कोटेदारों का कहना है कि वाल पेन्टिंग के लिये पेन्टर ही नहीं मिल रहे हैं।

Sunday, December 12, 2010

आत्मनिर्भरता है अचूक आयुध !

जीवन में आत्म निर्भर होकर ही बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। संसाधनों के अभाव में भी आत्मनिर्भरता अचूक हथियार साबित हो सकती है। रोवर्स रेंजर हमें यही सिखाता है। उक्त बातें गांधी महाविद्यालय मिड्ढा पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेन्द्र प्रताप शुक्ल ने कहीं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि अमेरिका में एक अत्यन्त गरीब परिवार में जन्मे अब्राहमलिंकन को पढ़ने लिखने के लिए उपयुक्त साधन नहीं था। वे घर में खाना पकाने के लिए प्रयुक्त हाने वाले कोयले से लिखकर प्रारम्भिक वर्णाक्षरों का ज्ञान प्राप्त किये। बाद में वही लिंकन अमेरिका के राष्ट्रपति बने। श्री शुक्ल ने बताया कि भारत को जगतगुरु कहा जाता है लेकिन आज की परिस्थितियों में युवा भटकाव के दौर से गुजर रहे हैं। आशा व्यक्त की कि यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर छात्र- छात्राओं के जीवन को नयी दिशा देने में एक अच्छा प्रयास साबित हो सकेगा। शिविर में प्रशिक्षक अभिजीत तिवारी ने रोवर्स रेन्जर्स के उद्देश्यों के बताते हुए प्राशिक्षणार्थियों को सर्वप्रथम अनुशासन का पाठ पढ़ाया। प्रशिक्षिका डा. श्रीमती शकुन्तला श्रीवास्तव ने इस अवसर प्रशिक्षणार्थियों को शिविर के नियम बताये। प्रशिक्षण शिविर में 50 छात्र एवं 50 छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि को स्कार्फ पहनाकर सम्मानित किया गया। मौके पर मुख्य रूप से प्राचार्य डा. राम गणेश उपाध्याय, प्रियेन्द्र राय, डा. मीरा पाण्डेय, अभिषेक कुमार व पुनिता यादव आदि उपस्थित रहीं।

Saturday, December 11, 2010

जीवन के लिए उपयोगी है मानस की चौपाइयां !

रामचरित मानस की एक-एक चौपाई मानव जीवन के लिए उपयोगी है और इन्हे मानव को आत्मसात करना चाहिए।
उक्त बातें उपेन्द्र नाथ द्विवेदी मानस किंकर जी ने कही। वह क्षेत्र के ब्रह्मलीन संत शिरोमणि सुदिष्ट बाबा की स्मृति में लगने वाले धनुष यज्ञ मेले में शनिवार को रामकथा के उद्घाटन अवसर पर श्रद्धालुओं को भक्ति का रसपान करा रहे थे। कथा का उद्घाटन ब्रह्मचारी सत्यानन्द जी ने फीता काटकर किया। उन्होंने रामकथा से पूर्व मंगलाचरण किया व राम कथा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। किंकर जी ने स्पष्ट किया कि बगैर संत के ब्रह्म व जीव का मिलन नहीं होता। संत ब्रह्म व जीव मिलन के लिए सेतु का कार्य करते है। गुरू के आदेशानुसार शबरी ने सुग्रीव का पता बता दिया। वहां पर संतरूपी हनुमान ने जीवरूपी सुग्रीव को ब्रह्मरूपी राम से मिलकर मित्रता का सम्बन्ध स्थापित किया और सीता माता की खोज शुरू हुई तथा रावण का वध हुआ। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

बालक्रीड़ा में बालिकाओं ने मारी बाजी !

शिक्षा क्षेत्र के बेरुआरबारी के परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की क्षेत्रीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता जूनियर हाईस्कूल बेरुआरबारी के प्रांगण में पशु चिकित्साधिकारी डा.देवेन्द्र यादव के झंडा रोहण व मार्च पास्ट से प्रारम्भ हुआ जिसमें बालिकाओं ने बाजी मारी। पीटी व विशेष प्रदर्शन में बालिका वर्ग में जूनियर हाईस्कूल बेरुआरबारी प्रथम, जूनियर मैरीटार द्वितीय, बालक वर्ग में प्राथमिक विद्यालय शिवपुर प्रथम, भरखरा द्वितीय रहा। 100 मी. 200 मी. व 400 मी. रिले दौड़ में बालिकाओं ने बाजी मारी। कबड्डी में जूनियर वर्ग में बालिका जूनियर बेरुआरबारी, प्रथम व जूनियर मैरीटार द्वितीय, बालक में बेरुआरबारी प्रथम व भरखरा द्वितीय स्थान पर रहा। कार्यक्रम का समापन बच्चों में पुरस्कार व मिष्ठान वितरण के साथ किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष शम्भू नाथ, मंत्री चन्द्रकांत पाठक, कोषाध्यक्ष हरिहर मिश्र, वीआरसी इन्द्रसेन, जयप्रकाश शर्मा, सुरेन्द्र दूबे, शालिनी शर्मा, कनक, सुरेन्द्र सिंह, अजय पाण्डेय का सहयोग सराहनीय रहा। ब्लाक व्यायाम शिक्षक अरविन्द शुक्ल ने सबके प्रति आभार व्यक्त किया।

Thursday, December 9, 2010

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के विजेता पुरस्कृत !

गायत्री परिवार के तत्वावधान में बुधवार को स्थानीय जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में आयोजित समारोह में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। यह प्रतियोगिता पिछले वर्ष शांति कुंज हरिद्वार के संयोजकत्व में आयोजित की गयी थी जिसके विजेताओं को प्रमाणपत्र, पदक व अन्य पुरस्कारों से नवाजा गया। जनपद स्तर पर हुई प्रतियोगिता में कक्षा पांच में हर्षित कुमार, अंकित व अनिकेत चौबे, छह में आदित्य, निशा गुप्त व शुभम मिश्र, सात में रामा सिंह, किरन सिंह व सुभाष मिश्र, कक्षा आठ में जयशंकर, पूनम व अभिषेक पासवान, कक्षा नौ में रश्मि, देवेश कुमार व प्रिया, कक्षा 10 में प्रतिमा सिंह, पूजा मौर्य व रंजन कुमार, कक्षा 11 में अर्चना गुप्त, अमृता व माहेला नाज, कक्षा 12 में अंकिता राय, पूजा गुप्त व साधना को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं तहसील सिकन्दरपुर स्तर पर कक्षा पांच में शारदानंद, अमीषा सिंह व रानी यादव, कक्षा 6 में अमरेश वर्मा, ऋचा व पूजा वर्मा, कक्षा सात में शैलेश कुमार, प्रवीण कुमार व तृप्ति वर्मा, कक्षा आठ में संतोष कुमार, सत्यम कुमार व रामजी, कक्षा नौ में आरती गुप्त, रामप्रकाश व नवनीत कुमार, कक्षा 10 में संदीप मौर्य, शालिनी व चन्द्रशेखर, कक्षा 11 में विशाल राय, रवि गुप्त व हिमांशु राय तथा कक्षा 12 में सुरैया, वंदिता आर्य व अम्बुज सिंह ने क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहते हुए पुरस्कार जीता। बतौर मुख्य वक्ता प्रवक्ता अखिलेश राय ने विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए पुरस्कार बांटा। अध्यक्षता देवेन्द्र नाथ उपाध्याय ने की तथा संचालन लालबचन तिवारी ने किया।

द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों व आश्रितों को मिला पेंशन चेक !

स्थानीय जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय परिसर में गुरुवार को एएसडीएम नरेश चन्द्र गुप्त ने द्वितीय विश्व युद्ध के 111 सैनिकों व उनकी पत्‍ि‌नयों को माह मार्च 2010 से अक्टूबर 2010 तक 2500 रुपये प्रतिमाह की दर से बीस-बीस हजार रुपये का चेक वितरित किया। श्री गुप्त ने इन सैनिकों द्वारा देश की आजादी में मिले सहयोग पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग और शौर्य की चर्चा की। बताया कि जनपद में द्वितीय विश्व युद्ध के 270 सैनिकों व उनकी विधवाओं को पेंशन दी जाती है। उन्होंने कहा कि जिन्हें उक्त अवधि का चेक प्राप्त नहीं हुआ है वे कार्यालय से सम्पर्क कर चेक प्राप्त कर सकते हैं।

Wednesday, December 8, 2010

इंसान वही जो दूसरों के लिए जीये !

अपने लिए तो सभी जीते हैं, इनसान वही है जो औरों के लिए जीए। जिले की महिला सामाजिक संस्था इनर व्हील ने एक ऐसा ही मिसाल कायम किया है। बलिया नगर की बनकटा मोहल्ला निवासिनी चन्द्रावती देवी (60) कूल्हे की बीमारी के चलते विगत तीन सप्ताह से बेड पर पड़ी हुई थी। धनाभाव के चलते उसका समुचित उपचार नहीं हो पा रहा था। इस बात की जानकारी इनर व्हील क्लब के सदस्यों को हुई तो उन्होंने सदर अस्पताल में जाकर उक्त महिला की समुचित उपचार कराने के साथ ही कृत्रिम कूल्हा बाजार से उपलब्ध करा दिया जिसे यहां के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.पीके सिंह ने सफल आपरेशन कर कूल्हे का प्रत्यारोपण कर दिया। आपरेशन के पश्चात चन्द्रावती देवी स्वस्थ है और उसने इनर व्हील को साधुवाद दिया है। इस मौके पर इनर व्हील क्लब कीअध्यक्ष आशा पाण्डेय, सचिव जया सिंह, शैल अग्रवाल, ऊषा पाण्डेय उपस्थित रहीं।

Tuesday, December 7, 2010

बालकों में नगर , बालिकाओं में नवानगर ने मारी बाजी !

बलिया: परिषदीय विद्यालयों की जिला रैली के अंतर्गत हुई खो-खो प्रतियोगिता में नगर क्षेत्र ने बालकों में बाजी मारी वहीं बालिकाओं में नवानगर ने। उच्च प्राथमिक वर्ग के बालकों की 100 मीटर दौड़ में कृष्ण कुमार, 200 मी. में पवन, 400 मी. में संदीप, 600 मी. में कृष्ण कुमार, डिस्कस थ्रो में विनीत, गोला फेंक में कृष्ण कुमार, लम्बी कूद में रजनीश, ऊंची कूद में अनिल, योगा में नवानगर, जिमनास्टिक में पंदह, कबड्डी में सोहांव ने पहला स्थान हासिल किया। बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ में प्रियंका, 200 मी. में पूजा गिरि, 400 मी. में पूजा गिरि, 600 मी. में वंदना, डिस्कस थ्रो में पूनम, गोला फेंक में पूनम, लम्बी कूद में पूजा गिरि, ऊंची कूद में खुश्बू, कबड्डी में मुरली छपरा ने विजेता होने का गौरव हासिल किया। इसी तरह प्राथमिक वर्ग में बालकों की 50 मी. में आनंद, 100 मी. में आंनद, 200 मी. में पवन, 400 मी. में दीपक, लम्बी कूद में अजीत, खो-खो में रेवती, कबड्डी में सोहांव की टीम अव्वल रही वहीं बालिकाओं की 50 मी. दौड़ में संजू, 100 मी. में संजू, 200 मी. में सलोनी, 400 मी. में कविता, लम्बी कूद में प्रियंका, खो-खो में रसड़ा, कबड्डी में रेवती, योगासन व जिमनास्टिक में रसड़ा की टीम ने बाजी मारी।

सेंट जेवियर्स को गोल्ड समेत दस मेडल!

सारनाथ के सम्राट अशोक पब्लिक स्कूल में पांच दिसम्बर को सम्पन्न हुई आल यूपी ओपेन कराटे चैम्पियनशिप में सेंट जेवियर्स स्कूल के छात्रों ने एक गोल्ड समेत दस पदक हासिल कर जनपद का मान बढ़ाया। विनय चौधरी ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने वर्ग में जहां गोल्ड मेडल झटका वहीं प्रीतम वर्मा, शैलेश यादव, आलोक यादव व अमन सिंह को रजत तथा मनीष सिंह, रोशन गुप्त, पवन यादव, स्वतंत्र सिंह व अरविन्द यादव को कांस्य पदक मिला। इस दौरान संस्थान के कराटे प्रशिक्षक एलबी रावत को आल इण्डिया कराटे डू फेडरेशन द्वारा ब्लैक बेल्ट प्रदान किया गया। बता दें कि वह इस जनपद में एआईकेएफ से प्रथम ब्लैक बेल्ट विजेता है। विद्यालय के प्रबंध निदेशक एसबीएन तिवारी, कोआर्डिनेटर अभिनव तिवारी समेत सभी अध्यापकों ने इन विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Monday, December 6, 2010

वर्तमान परिवेश में पर्यावरणीय शिक्षा आवश्यक !

पर्यावरणीय शिक्षा वर्तमान भौतिक परिवेश में अति आवश्यक है। बच्चों को पर्यावरण के बारे में भावनात्मक जागरूकता के लिए शिक्षण विधि अपनानी होगी। उक्त सलाह सोमवार को टाउन डिग्री कालेज के शिक्षक विभाग द्वारा पुरातन नूतन छात्र सम्मेलन में आयोजित वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण शिक्षा की प्रासंगिकता विषयक विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने देते हुए कहा कि चारों ओर फैले पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए यह बहुत प्रासंगिक है। कालेज के प्रबंधक राकेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से महाविद्यालय के क्रियाकलापों का समाज पर सार्थक प्रभाव पड़ता है। शिक्षक शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डा.रमाशंकर ने संगमन में पुराने छात्रों के अनुभव का लाभ नये छात्रों एवं अध्यापकों को मिलता है। शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य डा. वीके सिंह ने दीप जलाकर किया। प्रमुख रूप से डा.संजय कुमार, डा.ओमकार सिंह, डा.शिव बहादुर सिंह ने सहभागिता की।

मनोज अध्यक्ष ऋषिकांत महामंत्री

शिक्षा परिषद टाउन डिग्री कालेज बलिया के सत्र 2010-11 का चुनाव सोमवार को हुआ। इसमें अध्यक्ष मनोज कुमार यादव एवं महामंत्री ऋषिकांत सिंह चुने गए। उपाध्यक्ष कंचन पाण्डेय, कोषाध्यक्ष शिवशंकर श्रीवास्तव, सत्येन्द्र मिश्र सांस्कृतिक मंत्री एवं संयोजक डा. शिव बहादुर सिंह चुने गए। इसके अलाव राकेश कुमार सरोज, संजय कुमार, दिनेश यादव, रामायन यादव, अभिषेक सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, शम्भूनाथ यादव, दीपिका, अनीता, गौतम, प्रेमचन्द कार्यकारिणी सदस्य चुने गये।

Thursday, December 2, 2010

अफसर बन जनपद का नाम किया रोशन !

बलिया: विकास खंड मनियर अंतर्गत मुकुंदपुर मानिकपुर निवासी ज्ञानप्रकाश पाण्डेय ने एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया में जूनियर एक्जीक्यूटिव आफिसर के पद पर चयनित होकर जनपद का नाम गौरवान्वित किया है।
बता दें कि ज्ञानप्रकाश ने हाईस्कूल व इंटर की शिक्षा नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर माल्देपुर से क्रमश: 84.5 व 75 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण किया था। बीएससी करने के बाद 2009 में ज्ञानप्रकाश ने इलाहाबाद से बीटेक (इलेक्ट्रानिक्स) की शिक्षा हासिल की। ज्ञानप्रकाश की इस सफलता पर नागाजी विद्यालय के प्राचार्य विजय शंकर पाण्डेय व आचार्यो ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

Monday, November 29, 2010

कबड्डी में नरहीं ने तीसरे वर्ष भी बनाया कीर्तिमान!

ददरी मेला के खेल प्रांगण में सोमवार को हुई कबड्डी प्रतियोगिता में जय भारत क्लब नरहीं ने लगातार तीसरे वर्ष अपना वर्चस्व कायम रखते हुए कीर्तिमान बनाए रखा। उसने फाइनल मैच में औदी को 27-15 से हरा कर दबदबा कायम रखा। पहले मैच में पियरिया ने कारों सी को 23-21 से पराजित किया। दूसरे मैच में राजपूत नेवरी की औंदी बी ने 27-21 के अंतर से हराया। पहले क्वार्टर फाइनल मैच में औंदी ए ने कारों बी को 22-15 से हराया। दूसरे क्वार्टर मैच में जय भारत क्लब नरहीं ने पिपरिया को 34-11 से पराजित किया। निर्णायक मोहम्मद खुर्शीद, अमल कुंवर, मनोज पाण्डेय, पंकज सिंह, नीरज राय रहे। शुरूआत में नगरपालिका अध्यक्ष संजय उपाध्याय व अधिशासी अधिकारी वीजी सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। सहायक प्रशिक्षक देवी प्रसाद ने बैज लगाकर इनका स्वागत किया। इस मौके पर लेखाकार अशोक कुमार वर्मा, मोहम्मद अलीम, अशोक सिंह, घनश्याम सिंह, मुहम्मद इमरान, कृष्ण मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।

खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 30 नवम्बर को पुरस्कार वितरण के साथ होगा।

Sunday, November 28, 2010

भोजपुरी बोली मिसिरी से भी मीठ लागेला.....

नेहरू युवा क्लब हरिपुर के तत्वावधान में रामलीला मंच गड़वार पर लोक महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ जिसमें पूरे दिन भोजपुरी गीतों की बयार बहती रही। जैसे-जैसे सूरज की किरणें अस्त होती गयीं वैसे-वैसे संगीत की स्वर लहरियां जवान होती गईं। भोजपुरी केदर्जनभर कलाकारों ने अपनी गायकी के माध्यम से देर शाम तक श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम का शुभारम्भ कांग्रेस के युवा नेता विवेक सिंह एवं विशिष्ट अतिथि युवा समाजसेवी नरेन्द्र सिंह एवं पत्रकार सौरभ कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम को गति देते हुए नेहरू युवा क्लब हरिपुर के अध्यक्ष कन्हैया हरिपुरी ने गीतों से सबका स्वागत किया। इस अवसर पर श्रीपाल प्रभाकर ने जब जंगली बाबा तोहार महिमा अपरमपार.. गाया तो श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। सागरपाली से आये अभय सिंह ने भोजपुरी बोली मिसिरी से भी मीठ लागेला.. गीत सुनाया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। एकवारी के रामजी यादव ने श्रोताओं की मांग पर राजा पिय जनि गांजा हो.. गीत सुनाया। इसी क्रम में देवपाल ने बहता गरम हवा.., अंशु उपाध्याय ने बागी बलिया ह भारत के सरताज बबुआ.., भाटी सिकन्दरपुर के सोनू राय ने चांद अइसन चेहरा..सुनाकर वाहवाही बटोरी। मुकेश चंचल और सम्राट पाण्डेय को भी श्रोताओं ने खूब पंसन्द किया। पूरे कार्यक्रम भर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंजता रहा। बलिया से आये अतिथि दूर संचार विभाग के प्रबंधक विद्यानंद, भूमि संरक्षण अधिकारी शैलेन्द्र शाही एवं नेहरू युवा केन्द्र के जिला समन्वयक कपिलदेव ने विजयी प्रतिभागियों को शील्ड प्रशस्ति पत्र एवं अंगस्त्रम् देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपनारायण सिंह तथा संचालन घनश्याम सिंह ने किया। इस मौके पर अनिल सिंह, पूर्व प्रधान जलालुद्दीन खां राष्ट्रीय सेवा कर्मी जितेन्द्र कुमार, नेहरू युवा मण्डल गड़वार के अध्यक्ष लालचन्द्र वर्मा, सचिव पीयूष, शैलेन्द्र वर्मा आदि उपस्थित रहे। अन्त में कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव उर्फ मन्नू ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

विकलांग बच्चों की सेवा भगवान सेवा के समान!

विकलांग बच्चों की सेवा भगवान की सेवा के बराबर है। सरकारी तौर पर जो सुविधा मिलती है इसके अलावा हम सब का भी यह दायित्व बनता है कि इनकी मदद करें और हौसला बढ़ायें। उक्त बातें इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा विकलांग बच्चों के आवासीय प्री इण्टीग्रेशन कैम्प में अध्यक्ष डा.जीसी उपाध्याय ने बच्चों के बीच स्वेटर वितरण के दौरान कहीं। इस अवसर पर 33 दृष्टि बाधित बच्चों एवं 33 श्रवण बाधित बच्चों को एक-एक स्वेटर प्रदान किया गया। साथ ही बच्चों की जांच कर उनमें दवा का भी वितरण किया गया। डाक्टरों की टीम में डा. पीके सिंह गहलौत, डा. आरबी गुप्त, डा. मिथिलेश सिंह, डा. गोपाल स्वरूप पाठक, डा. संतोष चौधरी एवं डा. अतुल कुमार आदि द्वारा उपकरण का भी वितरण किया गया। सत्येन्द्र गुप्त जिला समन्वयक (निर्माण), ओमप्रकाश सिंह समेकित शिक्षा, अमित कुमार सिंह, संतोष तिवारी आदि ने सहभागिता की।

फिटनेस सर्टिफिकेट बिना नहीं चलेंगे स्कूल वाहन !

जनपद के समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य व प्रबन्धकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विद्यालय के वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट हर हाल में एक माह के अन्दर एआरटीओ विभाग से ले लें। अन्यथा की स्थिति में विभाग द्वारा ऐसे वाहनों का पंजीयन रद कर दिया जायेगा। एआरटीओ (प्रशासन) संदीप कुमार पंकज ने कहा कि विद्यालय वाहन जो विभाग के मानक के अनुरूप नहीं हैं उन्हें किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस आशय की जानकारी विभाग द्वारा सभी विद्यालयों को दे दी गई है। सभी विद्यालयों के जिम्मेदार पूरी तत्परता के साथ विभाग के आरआई टेक्निकल से संपर्क कर एक माह के अन्दर अपना फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त कर लें जिससे विभाग वाहनों को विद्यालय परमिट से कवर कर सके । इसमें वे भी वाहन शामिल हैं जो विद्यालयों द्वारा करार पर चलाये जा रहे हैं। कहा कि बच्चों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयों में शासन के निर्देशानुसार किसी भी कीमत पर खटारा वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जायेगा। यह प्रक्रिया एक माह के अन्दर ही पूरी की जानी है। इसके पश्चात सारी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।

Friday, November 26, 2010

बलिया केशरी का ताज राम मनोहर के सिर!

ऐतिहासिक ददरी मेले के भारतेन्दु मंच पर शुक्रवार की शाम को हुए दंगल में सभी को पछाड़ते हुए राम मनोहर ने बलिया केशरी का ताज अपने नाम कर लिया। अंकों के आधार पर हुए निर्णय में राकेश मल्लाह द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं पहलवान झब्बर को सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा।

मेले के इस ऐतिहासिक मंच पर हुए दंगल में तीस पहलवानों ने अपने दाव-पेंच दिखाये। इसमें प्रथम सेमीफाइनल मलप के पहलवान राकेश व नगरा के गुड्डू के बीच हुआ। इसमें राकेश ने बाजी मार फाइनल में जगह बना ली। द्वितीय सेमीफाइनल खरीद के झब्बर व अकटहीं के राम मनोहर के बीच हुआ। इसमें राम मनोहर ने झब्बर को हरा फाइनल में अपनी दावेदारी मजबूती के साथ पेश की। फाइनल में पहुंचे पहलवान राकेश मल्लाह व राम मनोहर की जोड़ी के बीच मुकाबले की शुरुआत हाथ मिलाकर नगर पालिका चेयरमैन संजय उपाध्याय ने की। निर्धारित पांच मिनट के अंदर दोनों पहलवानों के बीच काफी जंग हुई। इसमें राम मनोहर ने एक अंक लेकर शुरू से ही बढ़त बना ली थी। कुश्ती बराबरी पर छूटने के बाद निर्णायकों ने इन दोनों पहलवानों को जनता की मांग पर दो मिनट का अतिरिक्त समय दिया लेकिन निर्णय नहीं हो सका। इस पर अंक की बढ़त के आधार पर राम मनोहर को विजेता घोषित किया गया। इस पहलवान को मुख्य अतिथि नगर पंचायत चितबड़ागांव के चेयरमैन आदित्य नारायण कनकन ने साफा बांधकर जिला केशरी से नवाजा। इसके बाद शील्ड प्रदान किया गया। वहीं द्वितीय स्थान पर रहे राकेश को नपा चेयरमैन संजय उपाध्याय ने शील्ड देकर पीठ थपथपाई। इसके साथ ही पहलवान झब्बर को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कुश्ती की शुरुआत मुख्य अतिथि चितबड़गांव नगर पंचायत के चेयरमैन आदित्य नारायण कनकन ने फीता काटकर किया। निर्णायक की भूमिका में पहलवान प्रभुनाथ यादव, जगदीश सिंह, कविलास सिंह, असीम व राम नारायण चौधरी रहे। इस मौके पर पुलिस अधिकारी केसी गोस्वामी, सभासद अकबर, विजय गुप्त, कृष्ण मोहन, अशोक मिश्र, जुगनू व पिंटू आदि मौजूद रहे। मंच प्रभारी वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने आभार प्रकट किया।

लगते रहे भृगु बाबा के जयकारे

दंगल के दौरान पहलवानों का उत्साहवर्धन के लिए जुटे समर्थक एक-एक दांव पर भृगु बाबा के जयकारे लगाते रहे। इसमें नपा कर्मचारी व पुलिस के जवान भी पीछे नही रहे। कई ऐसे जोड़े अखाड़े में आये जो पुराने पहलवानों को चित कर दिये। इस दौरान दर्शक कई बार आपे से बाहर आकर मंच तक आ जा रहे थे। इन्हें हटाने के लिए पुलिस को काफी मक्कशत करनी पड़ी। दर्शक पहलवानों की जीत पर पैसा भी लूटा रहे थे।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जलवा दिखाएगा नीरज !

बंगलुरु में 17 दिसम्बर को प्रारम्भ हो रही तीन दिवसीय इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में बलिया का नीरज पाण्डेय भी सीनियर ग्रुप में जलवा दिखाएगा। इस चैम्पियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर एशियन कराटे चैम्पियनशिप के लिए खिलांिड़यों का चयन किया जायेगा। जनपद के गुदरी चौबे का डेरा (बल्लीपुर) निवासी रास बिहारी पाण्डेय का पुत्र नीरज भोपाल में पिछले 14 नवम्बर को सम्पन्न हुई 18 वीं सेंट्रल इण्डिया कराटे चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुका है। मथुरा में मार्शल आर्ट अकादमी से जुडे़ नीरज ने यह उपलब्धि सीनियर ओपेन वर्ग में हासिल की। शुक्रवार को गृह जनपद आये नीरज ने बातचीत के दौरान बताया कि यह उसकी कड़ी मेहनत का ही प्रतिफल है कि मार्शल आर्ट की शुरुआत वर्ष 2009 में करने के बाद भी उसने यह मुकाम तय किया। अपनी कामयाबी का सारा श्रेय अपने प्रशिक्षक को देते हुए कहा कि उनके द्वारा विषम परिस्थितियों में की गयी हौसला आफजाई ने ही उसे सफलता की राह दिखायी।

किशोरियों को जागरूक व सक्षम बनाना उद्देश्य!

बेरूआरबारी (बलिया): किशोरियों में जागरूकता पैदा कर इन्हें आत्मरक्षा के साथ-साथ इनके अन्दर छिपे कौशल को बाहर लाना ही इस कैम्प का मुख्य मकसद है। उक्त बातें स्थानीय विकास खण्ड के बीआरसी केन्द्र पर आयोजित तीन दिवसीय आवासीय किशोरियों हेतु आयोजित जीवन कौशल विकास शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी आनन्द प्रकाश सिंह ने कहीं। कहा कि इस प्रशिक्षण का सही मकसद तभी पुरा होगा जब प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारियों का सही सदुपयोग हो। प्रशिक्षण के दौरान योग, स्काउट गाइड, जूडो सम्बंधी जानकारियां दी गयीं। छात्राओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, विकास खण्ड, पशुचिकित्सालय आदि स्थलों पर भ्रमण करा कर यहां होने वाले कार्यो की जानकारी अध्यापक हरिहर मिश्र द्वारा करायी गयी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक राघवेन्द्र उपाध्याय, श्रीमती शालिनी शर्मा, रेनू शर्मा रहीं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य रूप से बीआरसी समन्वयक बेरूआरबारी इन्द्रसेन, मुन्ना चौरसिया, द्वारिका दूबे, गोरखनाथ यादव, जय प्रकाश शर्मा, अरविन्द सिंह, विमला सिंह आदि उपस्थित रही।

Sunday, November 21, 2010

ट्रक चालक व खलासी का नहीं लगा सुराग !

चार माह पूर्व इन्दौर से गुवाहाटी ट्रक लेकर गये चालक व खलासी का आज तक पता नहीं चल सका। काफी खोजबीन के बाद चालक की पत्‍‌नी ने एसपी को तहरीर देकर उसके बारे में जानकारी मांगी है।

बताते हैं कि पकड़ी थानान्तर्गत सहरोजा गांव निवासी अमरजीत चौहान (50) देवास (इन्दौर) के मां अन्नपूर्णा ट्रांसपोर्ट की ट्रक चलाता था। उसके ही गांव का सुचिन्त (20) खलासी का काम करता था। परिवार वालों के अनुसार 6 अगस्त को ये दोनों ट्रक पर माल लेकर गुवाहाटी के लिये चले गये। इसके बाद इन दोनों का गाड़ी सहित कहीं सुराग न मिलने पर खलासी की पत्‍‌नी ने इनकी तलाश शुरु कर दी। इस क्रम में उसने ट्रासपोर्ट मालिक समेत गुवाहाटी के लोगों से भी सम्पर्क किया। इन जगहों पर भी इन दोनों का पता नहीं चल पाया। इससे दुखी खलासी की पत्‍‌नी बताशी देवी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर इनके बारे में जानकारी हासिल करने की गुहार लगायी है। इस घटना से पूरा परिवार सकते में है।

प्राचीन एवं प्रकृति प्रेमी है गोंडी धर्म !

दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म गोंडी धर्म है जो माता पिता के सम्मान के साथ प्रकृति के संरक्षण की बात करता है और पेड़ पौधों की पूजा करता है। उक्त बातें कंशपुर दीयर गोंड बस्ती में आयोजित दो दिवसीय गोण्डी धर्म सम्मेलन के समापन में मुख्य अतिथि हीरा सिंह मरकाम ने कहीं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिग एवं प्रकृति के दोहन से पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। ऐसे में गोंडी धर्म का प्रकृति प्रेम ही पर्यावरण में सुधार ला सकता है। नागपुर महाराष्ट्र के अध्यक्ष वासुदेव टेकाम ने कहा कि मातृ शक्ति एवं पितृ शक्ति की पूजा कर नारियों का सम्मान एवं पिता की महिमा का बखान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधों के साथ जड़ी बूटियों से लोगों को निरोग बनाया जा सकता है। गोंडी धर्म अपनाने वालों के लिए एक पेड़ लगाना जरूरी होता है। इस मौके पर काफी संख्या में लोगों ने गोंडी धर्म की दीक्षा ली। वक्ताओं ने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने 1875 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में गोंडी धर्म को प्रकृति धर्म बताया था। संचालन सुरेश गोंड ने किया। धर्म प्रचारक रावण इनवाते, संतोष राव ध्रुवे, बसंत लाल गोंड, हंसराज धु्रवे, विजय सिंह, छितेश्वर गोंड, अलगू गोंड, मनोज गोंड, सुदेश शाह आदि ने सहभागिता की। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र के जनजाति नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए तथा आदिवासी कलाकारों द्वारा परम्परागत नृत्य का प्रदर्शन किया गया।

गोंगपा की प्रदेश कमेटी गठित

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के दूसरे सत्र में प्रदेश कमेटी का गठन किया गया जिसमें विजय सिंह मरकाम प्रदेश अध्यक्ष तथा गोपाल जी खरवार प्रदेश महासचिव, अजय शंकर कोल उपाध्यक्ष, महेन्द्र कुमार गोंड, सचिव के अलावा कार्यकारिणी के 21 सदस्य भी चुने गये। पार्टी ने आगामी चुनाव में अपनी सीटों से प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है।

प्रज्ञा पुराण गायत्री महायज्ञ के लिए सारी तैयारी पूरी !

परशुराम मंदिर मनियर के परिसर में 22 नवम्बर से प्रारम्भ होने जा रहे प्रज्ञा पुराण गायत्री महायज्ञ के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है। अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के संयोजकत्व में नव चेतना विस्तार केंद्र के बैनर तले आचार्य श्रीराम शर्मा की जन्म शताब्दी वर्ष के परिप्रेक्ष्य में चिंतन को नई दिशा देने, अप संस्कृति को रोकने, मानवीय मूल्यों की स्थापना, विलुप्त हो रहे संस्कारों का पुनर्जागरण, पीड़ित मानवता को विकास के पथ पर अग्रसर करने तथा देव संस्कृति के प्रचार-प्रसार के क्रम में आयोजित इस महायज्ञ का समापन 28 नवम्बर को होगा। नव चेतना विस्तार केंद्र के मीडिया प्रभारी मनमोहन पाण्डेय ने बताया कि देश के कोने-कोने से गायत्री परिवार से जुड़े लोगों का आगमन होने लगा है। इसी क्रम में आयोजन समिति की मंदिर परिसर में रविवार को हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गयी। अपने अध्यक्षीय संबोधन में ब्रजमोहन सिंह ने क्षेत्रीय परिजनों का आह्वान किया कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दें। कतिपय सदस्यों को व्यवस्था की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी। बैठक में अजय कुमार उपाध्याय, राज नारायण उपाध्याय, संतोष कुमार, इन्द्रजीत राय आदि ने विचार रखे।

Saturday, November 20, 2010

उमड़ता है आस्था का सैलाब !

कार्तिक पूर्णिमा यानी रविवार को पड़ने वाले इस पर्व पर कोइलरवा हनुमान जी मंदिर पर आस्था का सैलाब उमड़ेगा। यहां के प्रति लोगों में अटूट आस्था व विश्वास है। यूं तो इस मंदिर पर हमेशा ही आस्थावानों की आमदरफ्त बनी रहती है। ..लेकिन पूर्णमासी के दिन यहां हजारों लोग विधि-विधान से दर्शन-पूजन करने के साथ ही मन्नतें मांगते हैं।

उल्लेखनीय है कि तहसील मुख्यालय से 30 किलोमीटर दक्षिण व पूरब के कोने में घनघोर जंगल (डकही) के बीच लगभग 600 वर्ष पुराना हनुमान जी की मूर्ति के साथ भव्य मंदिर स्थापित है। वहां बारहों मास आस्थावानों का रेला लगा रहता है। खासकर पूर्णमासी के दिन मंदिर परिसर में आस्थावानों का सैलाब उमड़ पड़ता है। ग्रामीण बताते है कि भोर्तिया कबिले के लोगों ने हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की थी। लोगों का मानना है कि जो भी यहां मन्नत मांगता है वह अवश्य ही पूरी होती है। बचपन से ही मूर्ति की देख रेख व पूजा पाठ कर रहे धन्नीपुर गांव निवासी पुजारी रामधनी ने बताया कि हनुमान जी का यह मंदिर सिद्धपीठ है। यहां आने वाला कभी भी निराश होकर नहीं लौटता। पूर्णमासी के दिन करीब दस हजार की संख्या में बिहार प्रान्त सहित स्थानीय क्षेत्र के साथ गैर जनपदों से आने वाले लोगों की यहां भीड़ जमा होती है। पूरा मंदिर परिसर मेले में तब्दील हो जाता है। कथा, हरिकीर्तन व मुण्डन संस्कार कराने वालों की लम्बी तादात रहती है। श्रद्धालु बच्चा सिंह यादव, रामकृत, भरत, दीना विश्वकर्मा आदि कहते है कि प्रशासन द्वारा यहां पीने के पानी की व्यवस्था कर दी जाती तो श्रद्धालुओं को पानी के लिए जूझना नहीं पड़ता।

स्नानघाटों पर गंगा प्रदूषण रोकने का प्रयास विफल !

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के प्रति लापरवाह बना प्रशासन जनपद के स्नानघाटों पर गंगा प्रदूषण रोकने में पूरी तरह विफल है। आस्था के नाम पर अंध भक्ति की मिसाल पेश कर रहे लोगों द्वारा पालीथिन का प्रयोग 200 मीटर की सीमा में खुलकर किया जा रहा है। शौच और शवदाह से बेखबर प्रशासनिक मशीनरी गंगा की गरिमा के प्रति अब भी अनजान है। उक्त टिप्पणी गंगा मुक्ति व प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवारी ने कार्तिक पूर्णिमा स्नान की पूर्व संध्या पर जिले के श्रीरामपुर, महाबीर घाट, विचलाघाट, शनीचरी आदि विभिन्न घाटों का अवलोकन के पश्चात पत्रकारों से की। उन्होंने बताया कि नये संदर्भो में प्रशासन की जिम्मेदारिया सकुशल स्नान सम्पन्न कराने के साथ-साथ गंगा को प्रदूषित होने से बचाने के लिए न्यायालय के आदेश को पालन करने और कराने की भी है। बताया कि स्नान के दिन गंगा मुक्ति सेवा के सदस्य जनपद के प्रत्येक घाट पर उपस्थित होकर स्नानार्थियों को हाईकोर्ट के निर्देश से अवगत करायेंगे। इस अवसर पर श्री तिवारी के साथ गंगा मुक्ति सेना के संयोजक जितेन्द्र चौथे, सहसंयोजक दीपक तिवारी, अजीत पाण्डेय, राकेश विक्रम सिंह सहित कई गंगा भक्त मौजूद रहे।

Thursday, November 18, 2010

पशुओं की आमद से बढ़ी नंदी ग्राम की रौनक !

छठ पर्व एवं बिहार का चुनाव खत्म होने के कारण ददरी पशु मेला के नंदी ग्राम में चहल-पहल बढ गयी है। इस कारण आयोजकों के उदास चेहरों पर मुस्कुराहट दिखायी देने लगी है क्योंकि शुरूआत से ही पशुओं की कम आमद और गत वर्ष से कम आमदनी के कारण नगरपालिका में उदासी का माहौल था।

अब मेले में हरियाणा, पंजाब से दुधारू पशु आने लगे हैं। पशु व्यापारी कृष्ण मोहन सिंह जुगनू, संतोष सिंह, हीरा लाल आदि मेले में हो रही भीड़ को लेकर काफी उत्साहित हैं और उन्हें इस वर्ष अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा भी जिलों में पत्र भेजकर पशु व्यापारियों को परेशान नहीं करने की अपील के बावजूद कुछ थानों की पुलिस पशु व्यापारियों से अवैध वसूली कर रही है। फिरभी पशु व्यापारियों ने माना कि पहले जैसी धांधली नहीं है। दूध लेने शहर के लोग दूध का डिब्बा लेकर सुबह शाम मेले पहुंच जा रहे हैं क्योंकि वाजिब मूल्य पर शुद्ध दूध मेले में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जिला दुग्ध उत्पादन संघ द्वारा पशु मेले से दूध खरीदने की घोषणा की गयी थी लेकिन अभी तक संघ के लोग मेले में दिखायी नहीं दे रहे हैं। पशु बाजार थाने पर पुलिस फोर्स की समुचित व्यवस्था की गयी है। बताते चलें कि बिहार के सोनपुर पशु मेले के बाद बलिया का पशु मेला ही विख्यात है, यहां अच्छी नस्ल के मवेशी के अलावा घोड़े, खच्चर, गधों की भी खरीद बिक्री होती है। हालांकि अब तांगा और इक्का तथा घोड़ा के साथ सामान ढोने वाली गाड़ी का प्रचलन खत्म होता जा रहा है। पशु मेले में हर वर्ष तांगा और सामान ढोने वाली गाड़ी भी आती है। बक्सर बिहार से आये व्यापारी उस्मान ने बताया कि मैंने मेले से सामान ढोने वाली गाड़ी 17 हजार रुपये में घोड़ा सहित खरीदी है। साथ चल रहे तीन व्यापारियों में से एक नंद जी ने बताया कि तीन दिनों से कोई ग्राहक नहीं मिलने से हम वापस जा रहे हैं जबकि पप्पू ने बताया कि मैंने घोड़े सहित सामान ढोने वाली गाड़ी 16 हजार रुपये में बेची है। पशुओं का सामान बेचने वाले भीड़ से काफी उत्साहित हैं।

पूरे मनोयोग से करे कार्य तभी मिलेगी सफलता !

जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्वावधान में महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से राबिया महिला सेवा संस्थान, बलिया द्वारा 26 युवतियों को बेसिक ब्यूटी पार्लर एण्ड हेयर ड्रेसिंग का 45 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वृहस्पतिवार को प्रशिक्षुओं में ब्यूटी पार्लर किट व प्रमाण पत्र खंड विकास अधिकारी बैरिया शम्भू राम द्वारा वितरित किया गया। इस मौके पर बीडीओ ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस तरह के व्यवहारिक प्रशिक्षण लेकर छोटी पूंजी से कार्य शुरू कर अच्छा कार्य किया जा सकता है। लड़कियां भी इस तरह के कार्यो से परिवार का आर्थिक सहयोग कर सकती हैं।

इस अवसर पर संस्थान के संचालिका आयशा परवीन ने प्रशिक्षुओं को पूरे लगन व मनोयोग के साथ अपना कार्य करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में प्रशिक्षिका श्रीमती बिन्दु देवी सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

गंगा रक्षा को उठे हजारों हाथ !

आपसी सौहार्द को मजबूती देने, पर्यावरण की रक्षा और मोक्षदायिनी गंगा के संरक्षण के लिए गुरुवार को बागी धरती पर हजारों की संख्या में हाथ उठे। साथ ही इसे मूर्त रूप देने का संकल्प भी लिया गया। इन नजारे को देख अविरल गंगा-निर्मल गंगा अभियान के सदस्यों की भी बांछें खिल गयीं। इस अभियान के तहत गुरुवार की शाम को नाव से आये सदस्यों के दीदार को काफी संख्या में लोग गंगा तट पर जुटे थे। यहां पुरजोर स्वागत के बाद दल के सदस्य कोरण्टाडीह डांक बंगले की तरफ रुख कर लिये। यहां भी उपस्थित जनता एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने इनका गर्मजोशी से स्वागत किया। निर्मल गंगा अविरल प्रवाह पर बलिया की माटी की बोली भोजपुरी में स्वामी सहजानंद स्कूल के बच्चों ने गीत सुनाकर गंगा यात्रा पर निकले इन सदस्यों का मन मोह लिया। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने प्रदूषण व कई गीतों के माध्यम से गंगा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर स्वामी कृष्णा नंद तीर्थ ने कहा कि गंगा को बचाना है तो इसके लिए हर मानव को जागृत होना पड़ेगा। इसमें बच्चों की अहम भूमिका हो सकती है। निर्मल गंगा से पूरे विश्व का कल्याण होना है। हरिद्वार से पटना तक की दूरी तय करने को निकले इस दल के संरक्षक आईजी अभिसूचना आदित्य मिश्र ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय अभियान है इसमें प्रत्येक देशवासी को इसके प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाना होगा। तभी हमारी मोक्षदायनी का अस्तित्व बच सकेगा। प्रशासन की तरफ से दल का स्वागत करते हुए सीओ रसड़ा देश राज सिंह ने वादा किया कि बलिया की जनता को जागरुक करने का काम प्रशासन के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाएं भी करेंगी। बता दें कि 50 सदस्यीय यह टीम 24 अक्टूबर से हरिद्वार से यात्रा पर निकली। यह यात्रा 21 नवम्बर को पटना में जाकर समाप्त होगी। इस टीम में मुख्य रुप से सीओ शेष नाथ सिंह, नायक श्रीभान सिंह, कम्पनी कमाण्डर रमा कांत यादव, दीप चन्द यादव, राधेश्याम गुप्त, केके शुक्ल आदि शामिल रहे। स्वागत करने वालों में एडीएम एके द्विवेदी, एसओ बकरीदन, गोविन्द जी, रमेश चन्द्र साहनी, पूर्व प्रधान जय प्रकाश उपाध्याय, अशोक कुमार राय, दिनेश यादव आदि शामिल रहे।

गंगा भवन पर स्काउट गाइड ने किया स्वागत

भरौली (बलिया) : उजियार स्थित गंगा भवन पर गंगा निर्मल गंगा अविरल प्रवाह की टीम के पहुंचते ही स्काउट के छात्रों ने गर्म जोशी से स्वागत किया तथा रात्रि विश्राम स्थल तक अपनी सुरक्षा में ले गये। नेतृत्व प्रधानाध्यापक बेचू लाल ने किया। कोरण्टाडीह डांक बंगले पर इस दल के पहुंचते ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरयां के स्काउट गाइड के सदस्यों ने बैण्ड बाजे पर राष्ट्रगीत की धुन सुनाया तथा सलामी दी। इनके आगे बढ़ने के निर्देश पर 50 सदस्यीय दल ने आगे गंगा भवन में प्रवेश किया। रात्रि विश्राम के बाद टीम के सदस्य अल सुबह पटना के लिए प्रस्थान करेंगे।

Wednesday, November 17, 2010

कायम रखें राष्ट्रीय एकता व सद्भाव !

कभी-कभी बच्चे भी कुछ ऐसा कर जाते है जो बड़ों के लिए प्रेरणादायक बन जाता है। ऐसा ही नजारा दिखा सोमवार की रात पुलिस लाइन में आयोजित बलिया महोत्सव में। जंग-ए-आजादी की प्रथम आहुति व बागी भूमि के सपूत अमर शहीद मंगल पाण्डेय की स्मृति में आयोजित इस महोत्सव के दौरान बच्चों की कलाकृतियों ने उमड़े जन सैलाब के वजूद को न सिर्फ झकझोरा अपितु उन्हे राष्ट्रीय एकता व सद्भाव कायम रखने के लिए सब कुछ न्यौछावर कर देने की नसीहत भी दी। स्थानीय लोक कलाकारों ने तो इन कलाकृतियों को तहे दिल से सराहा ही, गैर प्रांतों से आये विभिन्न विधाओं के दिग्गजों ने भी इनकी मेधा को सलाम किया। दाद देनी होगी जिलाधिकारी सेंथिल पाण्डियन सी की जिन्होंने पिछले 13 नवम्बर को राजकीय बालिका इण्टर कालेज में सम्पन्न हुई चित्रकला प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं द्वारा बनायी गयी कलाकृतियों की भी प्रदर्शनी अंतिम समय में बलिया महोत्सव में लगवायी।

चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत

प्रदेश के संस्कृति मंत्री सुभाष पाण्डेय ने सोमवार को बलिया महोत्सव के मंच पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हुनर को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। ऐसा करने से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि उनमें छिपी प्रतिभा भी उजागर होगी। बता दें कि चित्रकला प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रथम समूह में होलीक्रास के मो.कैफ, द्वितीय समूह में होलीक्रास की अवंजला, तृतीय समूह में जीआईसी के इरशाद अहमद व चतुर्थ समूह में टीडी कालेज के मनीष गुप्त ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में प्रथम समूह में होलीक्रास की ईशिता सिंह, द्वितीय समूह में संयुक्त रूप से होलीक्रास की शिवांगी सिंह व महर्षि बाल्मीकि विद्यालय के अनुराग वर्मा, तृतीय समूह में संयुक्त रूप से केंद्रीय विद्यालय की प्रतीक्षा यादव व होलीक्रास की एमन अंजुम तथा चतुर्थ समूह में कुंवर सिंह महाविद्यालय की श्रेया चतुर्वेदी अव्वल रहीं। जिलाधिकारी की पुत्री हमशिखा ने चित्रकला प्रतियोगिता के पहले समूह में दूसरा स्थान हासिल किया। ये प्रतियोगिताएं राजकीय इण्टर कालेज बलिया के कला अध्यापक डा.इफ्तेखार खां की देखरेख में आयोजित की गयी थी। भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका एसडीएम सदर संतोष कुमार वर्मा, क्षेत्रीय सांस्कृतिक निदेशक वाराणसी डा.लवकुश द्विवेदी, शिव कुमार कौशिकेय, डिप्टी कलेकटर मुनव्वर अली व जीजीआईसी की प्रधानाचार्य श्रीमती दुलेश्वरी राय तथा चित्रकला प्रतियोगिता में एसडीएम बैरिया समीर वर्मा, श्रीमती संगीता, नुरुल हक, हरिशंकर प्रसाद व डा.लवकुश द्विवेदी ने अदा की।

डा.इफ्तेखार सम्मानित

कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदेश के संस्कृति मंत्री सुभाष पाण्डेय ने राजकीय इण्टर कालेज बलिया के कला अध्यापक डा.इफ्तेखार खां को सम्मानित किया। बता दें कि चित्रकला के क्षेत्र में डा.इफ्तेखार खां के योगदान को कतई भुलाया नहीं जा सकता। उत्तर प्रदेश के 34 समकालीन चित्रकारों की सूची में इनका स्थान छठवें नम्बर पर है। इसके साथ ही इनके मार्गदर्शन में बलिया की प्रतिभाएं लगातार सात वर्षो से उत्तर प्रदेश में चैम्पियन बनने का गौरव हासिल करती चली आ रही है।

गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के प्रति सरकार गंभीर !

वर्तमान बसपा सरकार सभी विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के प्रति पूर्णतया गम्भीर है जिससे कि वे अपने भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए सफल नागरिक बनें। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र स्थानीय डाक बंगले में एक प्रेसवार्ता में मीडिया कर्मियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पुरानी अंक प्रणाली को बदलकर नई अंक प्रणाली लागू की जा रही है जिससे छात्रों का प्रतिभा से पूरा न्याय हो सके। नकल माफियाओं का समूल नष्ट करने के लिए पूरे प्रदेश में नौवीं तथा ग्यारहवीं कक्षा का पंजीकरण 31 जुलाई तक होगा तथा उस सूची को सम्बन्धित विद्यालय का प्राचार्य शपथ पत्र के साथ 5 अगस्त तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करेगा। उसी के आधार पर बोर्ड विद्यालयों को फार्म भेजेगा। राजकीय इण्टर कालेजों की स्थिति को सुधारने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए 5000 नये एलटी अध्यापकों की नियुक्ति की जानी है। साथ ही प्रदेश में 1000 नये विद्यालयों की भी स्थापना की जा रही है।

शिक्षकों के वेतन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जिन्होंने भी अपना सीडी जमा कर दिया है वहां कोई समस्या नहीं है। शेष बचे 49 विद्यालयों में से 35 विद्यालयों का वेतन भुगतान इस सप्ताह कर दिया जायेगा। इस वर्ष नकल के प्रति अपनी सख्त मंशा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार बोर्ड परीक्षा में वित्त विहीन विद्यालयों के केन्द्र राजकीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों में होंगे। उसी प्रकार इन विद्यालयों के परीक्षा केन्द्र वित्त विहीन विद्यालयों में होंगे। प्रेस वार्ता के दौरान जोनल कोआर्डिनेटर छट्ठू राम, विधायक भगवान पाठक तथा सांसद रमाशंकर विद्यार्थी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

Monday, November 15, 2010

छात्रों ने निकाला मार्च सौंपा ज्ञापन !

विभिन्न मांगों को लेकर छात्र संघर्ष मोर्चा द्वारा जुलूस निकालकर जिलाधिकारी को 8 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से छात्र संघ बहाली, छात्रवृत्ति फार्म की तारीख बढ़ाने, पुस्तकालयों से छात्रों को पुस्तकें उपलब्ध कराने, कक्षाएं नियमित रूप से चलाने, व्यायाम शाला में क्रीड़ा सामग्री उपलब्ध कराने, प्राइवेट फार्म वितरण की तारीख घोषित करना आदि शामिल रहा। इस मौके मोर्चा के संयोजक जलालुद्दीन, रितेश मिश्रा पहाड़ी, वीटर राम, जुनैद आलम, अशफाक अहमद, गोल्डी राय, बब्लू यादव, अभिषेक रंजन, कमल पाण्डेय, राजेश पटेल, नित्यानंद, पंकज राय, सुधीर ओझा, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय आदि ने सहभागिता की।

Saturday, November 13, 2010

कोलकाता की कारीगरी पर थिरकेगी भोजपुरी !

महर्षि भृगु की धरती पर अमर शहीद मंगल पाण्डेय की स्मृति में 15, 16 नवम्बर को आयोजित होने वाले बलिया महोत्सव के ऐतिहासिक मंचन के लिए मंच तैयारी करने की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग ने कोलकाता के कारीगरों को दी है। संस्कृति विभाग उप्र लखनऊ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से आने वाले ख्यातिलब्ध कलाकार शिरकत करेगे। मंच पर भोजपुरी कलाकारों की थिरकन का कुछ अलग ही अंदाज होगा। मंच निर्माण में कोलकाता के अनूप सरदार की अगुवाई में कुल 13 लोग 9 नवम्बर से युद्ध स्तर पर लगे हुए है जो 14 नवम्बर को इसे अंतिम रूप दे देंगे। अनूप सरदार ने बताया कि मंच 48&30 फीट का बनाया जा रहा है जिसकी कुल चौड़ाई 25 फिट होगी जो जमीन से 4 फीट ऊंची होगी। मंच के सामने दर्शक दीर्घा व प्रेस दीर्घा रहेगी तथा उसके पास ही विकास प्रदर्शनी के लिए अलग से पंडाल बनाया जा रहा है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, डूडा, पशुपालन व अन्य विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनियां लगायी जायेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृति विभाग के मंत्री सुभाष पाण्डेय होंगे।

सर्पदंश के मरीजों को मिलता नवजीवन !



यह अंधविश्वास है या आस्था अथवा वास्तव में है कुछ सत्य कि देखते ही देखते बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन के पास बन गया एक ऐसा धार्मिक स्थल जहां जाने के बाद सर्पदंश का शिकार कोई मरीज शायद ही मरा हो। पहले लोग गाजीपुर में अमवा की सती माई स्थान जिसे वास्तव में पूर्वाचल के लोग जागृत स्थल मानते है, पर जाते थे लेकिन अब सर्प दंश से पीड़ित को लेकर सीधे यहीं पहुंच रहे है। करीब दो माह पूर्व अस्तित्व में आये इस स्थल के सूरत-ए-हाल अब बिलकुल ही बदल गये है। जिला मुख्यालय से करीब दस किमी दूर कभी वीरान रहने वाले इस स्थान पर अब हर दिन मेला सा लगा रहता है। सोमवार व शुक्रवार को तो भीड़ का आलम पूछिये मत। अब यहां मंदिर निर्माण की कवायद प्रारम्भ हो गयी है।

सिलसिला दरअसल दस सितम्बर को अनोखे अंदाज में प्रारम्भ हुआ था। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के मनियारी जसांव गांव में मानती देवी नामक एक महिला पर सती माई के सवार होने की खबर पूरे क्षेत्र में जंगल में लगी आग की तरह फैल गयी। उसे देखने के लिए क्षेत्र के लोग हजारों की संख्या में मौके पर पहुंच गये। इस महिला की मांग पर सती मइया के लिए बांसडीहरोड रेलवे क्रासिंग के पास स्थित बागीचे में स्थान दिया गया। जानकारी होने पर कुछ ही देर बाद सर्प दंश से मृत एक महिला को उसके पास लाया गया लेकिन चिकित्सकीय इलाज होने के कारण उसने उसके शव को वापस लौटा दिया।
मानती के पति विनोद बिंद बताते है कि उसकी पत्‍‌नी को तीन बार सांप ने डंसा था। अमवा के सती माई स्थान पर ले जाने के कारण वह हर बार बच गयी। एक दिन अचानक उसके पैर के बीच से सांप गुजरा और वह बेहोश हो गयी। उसे तत्काल अमवा के सती माई स्थान पर ले जाया गया। कुछ देर बाद वह ठीक हो गयी। इसके बाद वहीं वह चिल्ला-चिल्ला कर अपने ऊपर सती माता के सवार होने की बात कह कर बैठ गयी। इस दौरान वहां पहुंचे सर्प दंश के तीन-चार मरीजों को झाड़ फूंक कर उसने ठीक भी कर दिया। इसके बाद कहा कि गाजीपुर से आने वाले रास्ते में एक प्रेत हमारे प्रभाव को कम कर दे रहा है इसलिए मेरा अब इस स्थान पर रहना उचित नहीं है। इसके बाद मानती यहां अपने घर चली आयी। अगले दिन शाम को वह बताने लगी कि वह सती माई है और ऐसा कह कर वह अपने लिए स्थान मांगने लगी। इस पर परिजनों ने तीन स्थानों का प्रस्ताव उसके समक्ष रखा। इस पर वह घर से तेजी से निकल पड़ी और बांसडीहरोड रेलवे क्रासिंग के पास बागीचे के एक स्थान पर खड़ी होकर आम की डाल वहां गाड़ दी। इसके बाद बैठ कर पूजा पाठ करने लगी। इसकी खबर लगते ही खेड़सर में सर्प दंश से मृत लीलावती पत्‍‌नी स्वामी नाथ के शव को वहां लाया गया। उसके ऊपर मिट्टी का लेप लगाने के बाद इलाज होने के कारण उसे भी छोड़ दिया। उस स्थान पर महिलाओं ने पूजा पाठ शुरू कर दिया। मानती देवी ने जिस स्थान पर आम की डाल गाड़ी थी वह जमीन मौजूदा ग्राम प्रधान पूजा देवी पत्‍‌नी टुनटुन यादव की है। शेष जमीन जहां दुकानें लग रही है वे शिवदत्त मिश्र व उनके पट्टीदारों की है। दुकानदारों से ये लोग रोजमर्रा के हिसाब से पांच-दस रुपये वसूल करते है। दुकानदारों के अनुसार सोमवार व शुक्रवार को उन्हे हार-दो हजार की आय हो जाती है। इस धार्मिक स्थल पर पूजा-पाठ मानती की पति विनोद द्वारा ही किया जाता है।

सिर पर हाथ फेरा जिन्दा हो गया बालक

बात उन्हीं दिनों की है। सर्पदंश से पीड़ित तीन वर्षीय अचेत बालक के सिर पर हाथ फेर मानती देवी ने थोड़ी सी मिट्टी क्या छिड़का, शिशु की आंखें खुलने लगीं और वह उठ कर खेलने लगा। फिर क्या था तमाशबीन के रूप में खड़े सैकड़ों लोगों ने सती माई के जयकारे लगाने शुरू कर दिये। उस दौरान बाजे-गाजे के साथ उस बच्चे को पूरे क्षेत्र में घुमाया गया था। बड़की शेरिया निवासी वीरेन्द्र पासवान के तीन वर्षीय पुत्र रोहित को सर्प ने डंस लिया था। परिजन अमवा की सती माई के नाम पर पैसा रख उसे सीधे बांसडीह रोड रेलवे क्रासिंग स्थित उस स्थान पर लाया गया। बुलाने पर थोड़ी देर बाद वहां मानती देवी पहुंची। कुछ देर पूजा करने के बाद उन्होंने अचेत रोहित के सिर पर हाथ फेरा और थोड़ी सी मिट्टी उसके शरीर पर डाल दिया। देखते ही देखते रोहित ने अपनी आंखें खोल दी। थोड़ी ही देर बाद रोहित पूर्णरूप से स्वस्थ बालक की भांति खेलने लगा। इस तरह के करीब पांच दर्जन से अधिक मामले प्रकाश में आ चुके है।

Friday, November 12, 2010

बनाएंगे पंचायत भवन !

ग्राम सभा चांदपुर की बैठक में शुक्रवार को ग्राम पंचायत भवन बनाने का निर्णय लिया गया। ग्राम प्रधान मनोज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में समितियों के गठन के साथ ही गांव के विकास हेतु सबके सहयोग की अपेक्षा करते हुए ग्राम प्रधान ने कहा कि आज तक इस ग्राम में पंचायत भवन नहीं है। इसके लिए तत्काल पहल की जायेगी। बैठक में सदस्य गण शिवनाथ, कुंती देवी, रेशमी देवी, ओमप्रकाश के अलावा सचिव श्याम बिहारी भी उपस्थित रहे।

जेपी संदेश यात्रा: आज करेगे महापुरुषों की मूर्ति पर माल्यार्पण !

लोक नायक जय प्रकाश नारायण संदेश यात्रा 14 नवम्बर को सुबह 9 बजे शहीद पार्क चौक से प्रारम्भ होगी। इस दौरान नगर के सभी महापुरुषों की मूर्ति पर माल्यार्पण किया जायेगा। यहां से संदेश यात्रा दुबहड़, हल्दी होते हुए बैरिया पहुंचेगी जहां पूर्व विधायक स्व.मैनेजर सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के साथ ही नुक्कड़ सभा भी की जायेगी। यहां से यात्रा जय प्रकाश जी की जन्म स्थली जय प्रकाश नगर पहुंचेगी। इसका शुभारम्भ भाजपा के प्रदेश मंत्री दयाशंकर सिंह करेगे। यह जानकारी संदेश यात्रा के प्रभारी मनोज श्रीवास्तव व अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष दयाल शरण वर्मा ने दी है।

छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने मन मोहा!



जीवन में सफलता अर्जित करने के लिये तीन संकल्प सूत्रों को आत्मसात करना बेहद जरूरी है। पहला ईश्वर के प्रति आस्था, दूसरा कठिन परिश्रम और तीसरा एकाग्र चित होना। इनमें से एक की भी कमी इंसान को कामयाबी की राह से वंचित कर सकती है।

उक्त उद्गार वाराणसी के धर्माचार्य डा.राफी मंजली के हैं। वह गुरुवार को सेन्ट फ्रान्सिस उच्च माध्यमिक विद्यालय परसिया में आयोजित वार्षिकोत्सव को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। इसके पूर्व मुख्य अतिथि ने विद्यालय के प्रबंधक फादर एन्थोनी मुत्तू तथा प्रधानाचार्य फादर आनन्द लकड़ा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि इंसान में अगर समाजसेवा की भावना और दीन-दु:खियों की सेवा को लेकर प्रतिबद्धता न हो तो वह इंसान कहलाने का भी हकदार नहीं। वार्षिकोत्सव के प्रारम्भ में विद्यालय के प्रबंधक फादर मुत्तू ने अतिथियों का स्वागत किया जबकि विद्यालय के सहायक अध्यापक अनिल कुमार जोसेफ ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना नृत्य, समूह नृत्य, एक्शन गीत, डाण्डिया नृत्य, भांगड़ा नृत्य तथा लघु नाटिकाओं की मनोहारी प्रस्तुति की। प्रधानाचार्य फादर आनन्द लकड़ा तथा पूर्वाचल ग्रामीण चेतना समिति के निदेशक फादर ज्ञान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम स्थल पर जमी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्काउट के बच्चों ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई।

Thursday, November 11, 2010

छठ पूजन का नंदी ग्राम पर भी पड़ा असर !

महर्षि भृगु की धरती पर लगने वाला पशु मेला गुरुवार ही को सूना हो गया। इसमें बिहार प्रांत से आये व्यापारी वापस अपने घर पर छठ पूजा में भाग लेने लौट गये। अब मेले में दुधारु पशु भी आने लगे हैं।

नगर के दक्षिणी छोर पर एक पखवारे से अधिक समय तक चलने वाले इस मेले के शुरुआती दौर में बैलों की जोड़ी आती है। इसके बाद दुधारु पशु, भैस, खच्चर, घोड़े आदि किस्म के पशु क्रमवार आते हैं। इसके लिए नगर पालिका परिषद व जिला प्रशासन संयुक्त रुप से व्यवस्था कराता है। शुक्रवार को छठ पूजा होने के कारण नंदी ग्राम से बिहार एवं कुछ लोकल व्यापारी पूजा में शामिल होने के लिए घर चले गये। उम्मीद जताई जा रही है कि छठ पूजा बाद मेला अपने पूरे रौनक में लौट आयेगा।

Wednesday, November 10, 2010

काहे की हीनता हम भी किसी से कम नहीं!

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत समेकित शिक्षा में विकलांग बच्चों की प्रतियोगिता बीआरसी हनुमानगंज पर आयोजित की गयी। इसमें गायन, छूकर पहचानना, सुलेख, ब्रेल लिपि, कुर्सी दौड़, दौड़, मेढक दौड़ आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। प्रतियोगिता में कुल 26 बच्चे शामिल रहे। गायन में सुरेश, छूकर पहचानने में सनोज, सुलेख प्रतियोगिता में बाल जी, ब्रेल लिपि में सनोज, कुर्सी दौड़ में मनीष पाल, दौड़ में पूजा तथा मेढ़क दौड़ में रोहित साहू, रस्साकशी में शाहिद प्रथम स्थान प्राप्त किये। इस कार्यक्रम में संजय कुमार सिंह सअ, विजयशंकर सिंह प्रअ, संजय मिश्र, कुसुम लता, किरन कांत कौल, ऊषा, प्रभुनाथ यादव आदि उपस्थित थे। अंत में ब्लाक समन्वयक हनुमानगंज सुरेश चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुरली छपरा ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर में मंगलवार को आयोजित विकलांग बच्चों की रैली को तहसीलदार बैरिया रामशिरोमणि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान खेलकूद प्रतियोगिता के तहत दौड़ व रस्साकशी के साथ ही गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। रैली में एबीएसए जयराम पाल, बीआरसी समन्वयक रामचंद्र यादव, एनपीआरसी समन्वयक कामता सिंह के अलावा दर्जनों अध्यापक उपस्थित रहे। संचालन अध्यापक अजय कुमार तिवारी ने किया।

Saturday, November 6, 2010

किसानों को नहीं मिल रहा खाद-बीज !

इन्दरपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पर बिचौलियों का दबदबा कायम रहने से खाद-बीज प्राप्त करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिछले दिनों उक्त गोदाम पर डीएपी खाद व गेहूं बीज की आपूर्ति तो की गयी किन्तु वास्तविक किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों को बाजार से महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदना पड़ रहा है।
यहां जब भी किसानों के लिए खाद-बीज की आपूर्ति की जाती है बिचौलिये सक्रिय हो जाते हैं और किसानों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। किसानों का आरोप है कि इस सम्बन्ध में गोदाम संचालक से पूछताछ की जाती है तो वे उल्टे किसानों पर ही गुस्सा उतारने लगते है।

भरपूर मात्रा में डीएपी उपलब्ध

जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन दीनानाथ चौधरी ने बताया है कि पीसीएफ में 5000 बोरी डीएपी, एनपीके, एनपीएस एवं बीज भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। जिन समितियों के सचिवों द्वारा उर्वरक एवं बीज का उठान किया गया है वे उर्वरक एवं बीज का वितरण किसानों के बीच करके पुन: अपनी समिति का ड्राफ्ट बनवाकर उर्वरक का उठान करके किसानों के बीच डीएपी का वितरण करना सुनिश्चित करे। वितरण में किसी प्रकार की काला बाजारी बर्दास्त नहीं की जायेगी। जिन किसानों को एनपीके एवं एनपीएस की जरूरत है सचिव उन्हे उक्त उर्वरक उपलब्ध करायें। सहकारिता विभाग द्वारा खाद एवं बीज की कमी नहीं होने दी जायेगी।

वैभव लक्ष्मी संग गणेश को नमन !

धन सम्पदा वैभव की देवी लक्ष्मी और सर्वमंगल के देव गणेश की कार्तिक की अमावस्या दीपावली पर सविधि पूजन अर्चन किया गया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा की धूम रही। सुबह से ही पूरी तैयारी के साथ पूजा की व्यवस्था की गयी। रात होते ही वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवती लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कर कलश स्थापन किया गया। सविधि आह्वान के साथ, दुग्ध, घृत, मधु, गंगाजल से स्नान करा वस्त्र उपवस्त्र समर्पित कर एकत्रित सामग्री से षोड्शोपचार पूजन अर्चन किया गया। प्रतिमाओं के सामने कलश स्थापित कर घी का दिया जलाकर भक्तों ने अभ्यर्थना की। कमल पुष्पों, मालाओं के साथ ही गंध, धूप, दीप आदि समर्पित किया गया। लक्ष्मी गणेश की पूजा हर घर में साम‌र्थ्य के अनुसार मूर्तियां व पूजन सामग्री खरीद कर की गयी। सोने, चांदी, पीतल की प्रतिमाओं के अलावा बाजार में कई मुद्राओं मे ंउपलब्ध मृदा प्रतिमाओं को घरों में स्थापित कर पूजन अर्चन किया गया। इसके पूर्व साम‌र्थ्यनुसार घरों का रंग-रोगन, सफाई-धुलाई करके पवित्र किया गया था। पूजन-अर्चन, आरती के बाद कतिपय प्रतिष्ठानों, घरों में रात्रि जागरण भी किया गया। इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तियां स्थापित कर पण्ड़ालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।

प्रथम आहुति संत रविदास को !

नगरा (बलिया), निप्र: क्षेत्र के पकड़ी हरख बसंत ग्राम पंचायत में वीर भनियां चट्टी पर गुरुवार को नवनिर्वाचित महिला ग्राम प्रधान सुधा देवी ने संत रविदास मंदिर के निर्माण हेतु प्रथम ईट रखा। इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए ग्राम प्रधान ने कहा कि चुनाव हेतु नामांकन पत्र भरने से पूर्व आप सभी के बीच हमने संकल्प लिया था कि चुनाव हारूं या जीतूं रविदास मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। ग्राम प्रधान ने ग्राम विकास की संकल्पना को भी दोहराया। समारोह को मुन्नू सिंह, ओमप्रकाश सिंह, डा.अच्छेलाल मेवा, गोरख यादव, हरिकिशुन, सत्येन्द्र, प्रमोद कुमार, वीरेन्द्र यादव ने भी सम्बोधित किया। अध्यक्षता अच्छे लाल मेवा व संचालन आनन्द प्रकाश ने किया।

.. मेरी कश्ती वहीं डूबी, जहां पानी भी कम था

हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहा दम था, मेरी कश्ती वहीं डूबी जहां पानी भी कम था, यह पंक्तियां जिला पंचायत के लगभग सभी हारे हुए प्रत्याशी चुनाव प्रचार, मतदान एवं मतगणना के दिनों को याद कर गुनगुना ले रहे हैं। जी हां यह दास्तां एक दम सच है जिला पंचायत सदस्य पद के जिन प्रत्याशियों ने छोटे, मझोले एवं बड़े मठाधीशों पर भरोसा किया उन्हीं के द्वारा धोखा दिया गया है तथा जिला पंचायत सदस्य बनने का इनका सपना चकनाचूर होकर रह गया है। ऐसे में चोट खाये प्रत्याशियों के द्वारा मठाधीशों की समीक्षा की जा रही है तथा उनको सबक सिखाने का भी मन बनाया जा रहा है।
विदित हो कि जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव का दायरा लम्बा चौड़ा होने से सम्बंधित प्रत्याशियों को मठाधीशों का सहारा लेना स्वभाविक था। ऐसा नहीं है कि सभी ने ईमानदारी से गुडवर्क नहीं किया लेकिन कुछ ऐसे जरूर रहे जिहोंने जो मांगा वह मिला, बावजूद इसके वे प्रधानी चुनाव से हट कर कुछ भी नहीं किये तथा कुछ ले देकर चुप ही बैठ गये। हो सकता है कुछ प्रत्याशी सब कुछ भूल कर अगले चुनाव का इन्तजार करें किन्तु ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो अपने खर्चे जोड़ घटा धोखेबाज मठाधीशों व समर्थकों को सबक सिखाने की भी जुगत बैठा रहे हैं। फिलहाल वे अपनी कहानी बयां कर मठाधीशों को सामाजिक रूप से क्षति पहुंचाने का प्रयास तो कर ही रहे है।

दोस्त- दुश्मन को लेकर खींचने लगीं लकीरें

बीते दिनों सम्पन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रसड़ा ब्लाक के 65 ग्राम प्रधानों, 85 क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा 3 जिला पंचायत सदस्यों के सिर सेहरा बंध चुका है। अब हार जीत के मद्देनजर ग्रामीण अंचलों में दोस्त दुश्मन को लेकर लकीरे खींचने लगी हैं।

विदित हो कि सम्पन्न हुए चुनावों में जम कर मुर्गा-दारू, बाहुबल व धनबल का जम कर प्रयोग किया गया और ऐसा करने वाले प्रत्याशी कहीं जीते तो कहीं इस प्रयास के बाद भी हार गये हैं।

ऐसे में बौखलाए हारे प्रत्याशी फला व्यक्ति दुश्मन और फलां दोस्त है की सूची तैयार कर अपना गुस्सा उतारने मे लगे हैं। वहीं कुछ गांवों में धोखेबाज समर्थकों की भी खबर ली जा रही है जिसको लेकर अधिकतर गांवों में तनाव बना हुआ है।

Thursday, November 4, 2010

बीपीएल युवकों को देंगे स्टैण्ड अप प्रशिक्षण !

शहरी क्षेत्रों के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 18 से 35 आयु वर्ग के बीपीएल राशन कार्ड धारक बेरोजगार युवक, युवतियों को जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा स्वरोजगार प्रशिक्षण (स्टैण्ड अप) योजनान्तर्गत बढ़ईगिरी, नलसाजी, मोबाइल रिपेयर, हार्डवेयर एण्ड नेटवर्किंग, ब्यूटीशियन, सिलाई, प्लबिंग, विद्युत वायरिंग आदि ट्रेडों में स्थानीय संसाधनों एवं क्षेत्रीय मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में शासन के निर्देशानुसार आरक्षण देय है। पूर्व में उक्त योजनान्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार आवेदक पात्र नहीं होगा। उक्त जानकारी देते हुए सहायक परियोजनाधिकारी (डूडा) ने समस्त नगरीय निकायों के पात्र लाभार्थियों से नि:शुल्क आवेदन पत्र जनपद मुख्यालय स्थित डूडा कार्यालय या स्थानीय नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के ईओ से सम्पर्क कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा है।

Sunday, October 31, 2010

एनएसयूआई को भरोसा, होंगे छात्र संघ चुनाव !

उप्र के तीन केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र संघ की बहाली अब लगभग तय है। सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), इलाहाबाद विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा।

उक्त बातें शनिवार को राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 15 सदस्यीय टीम में शामिल एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव विनय सिंह यादव व इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता विवेकानंद पाठक ने दूरभाष पर भारतीय छात्र संगठन के माध्यम से दी। इसी क्रम में छात्र संघ चुनाव की बहाली के मद्देनजर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में बैठक संगठन कार्यालय पर हुई। बैठक को सम्बोधित कतरे हुए छात्र नेता भैया अमित सिंह ने कहा कि तीनों विश्वविद्यालयों में छात्र संघ की बहाली के साथ लगभग पूरे प्रदेश में फिर से छात्र संघ चुनाव की सम्भावना बन जाएगी। रूपेश चौबे ने कहा कि छात्र संघ बहाल कराने में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छात्र नेता बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे। बैठक में सुशील सिंह, राकेश यादव, मिन्टू मिश्र, राकेश तिवारी छोटे, आलोक कुंवर, अभिषेक रंजन, सत्यप्रकाश, विटर राय, कमल पाण्डेय, अखलाक अहमद, वीर ओझा राणा, सुजीत पाठक आदि ने विचार रखे।

आत्म परिवर्तन से व्यवस्था को बदलने का लिया संकल्प !

स्वामी रामदेव के संकल्प आत्म परिवर्तन से व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य को मूर्त रूप देने के लिए पतंजलि योग समिति एवं रोटरी क्लब एलीट के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे योग विज्ञान शिविर का समापन आफिसर्स क्लब में किया गया। अन्तिम दिन का शिविर सुबह 6:30 बजे पावन ध्वनि ओम एवं वैदिक मंत्रों द्वारा किया गया। प्रथम चरण में योग शिक्षक श्रीप्रकाश पाण्डेय द्वारा आठों प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। दूसरे चरण में योग शिक्षक ओम प्रकाश वर्मा द्वारा शुगर, कमर दर्द, गैस, कब्ज, मोटापा आदि रोगों के लिए 12 आसनों के पैकेज का अभ्यास कराया गया। तीसरे चरण में 12 यौगिक जागिंग का अभ्यास श्री प्रकाश द्वारा कराया गया। तदुपरान्त ओम प्रकाश वर्मा ने स्वदेशी के बारे में बताते हुए उसका पालन और नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। रोटरी क्लब के अध्यक्ष डा.संजय कु.श्री ने आभार व्यक्त किया। शिविर में क्लब के एके सक्सेना, राकेश कुमार, शिव प्रकाश, ज्ञान प्रकाश, संतोष कुमार पाण्डेय, डा.श्याम बिहारी, संतोष कुमार, प्रदीप, श्रीराम सिंह, अनिल कुमार, अल्का गुप्ता, आशा पाण्डेय, माया गुप्ता, उर्मिला सिंह, आदि शामिल रहे। सभी ने नियमित योग शिविर में आकर योग की अगिन् को प्रज्ज्वलित करने का वचन लिया।

कार्य शैली बदलो वरना हम बदल देंगे.....

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का निर्णय आ गया है। इस निर्णय ने पंचायतों की कार्य शैली के लिये भी निर्णायक संदेश दे दिया है। गांवों के गोटीबाज, समाजसेवा की आड़ में स्वयं की सेवा करने वाले, पंचायत हित की दुहाई देकर अपना हित साधने वालों तथा इसी तरह के तमाम तीन- पंचहा प्रत्याशियों को मतदाताओं ने बाय-बाय कर दिया है। सचमुच समाज सेवा में लगे वाकई उदारमना व्यक्तित्वों को सफलता भी मिली है। मतदाताओं ने विशेष रूप से युवा हाथों में बहुत उम्मीद और ताकीद से कमान सौंपी है। निर्णय परिपक्व और पंचायत को प्रभावशाली बनाने वाले हैं। अब तक आए निर्णयों में:

रसड़ा प्रतिनिधि के अनुसार दूसरे चरण की मतगणना के क्रम में रविवार को स्थानीय मतगणना केन्द्र पर घोषित परिणाम के अनुसार प्रधान पद के लिए मुड़ेरा से श्रीविलास यादव, बस्ती से अंजोरिया देवी, रसड़ा बाहरी से भुनेश्वर, उरदैना से कैलाश, डेहरी से राजा प्रसाद, रौराचवर से लल्लन, बैजलपुर से इन्दु, बस्तौरा से विनोद, आमघाट से जयराम, पुरा दलई तिवारी पुर से जय नारायण, नारायणपुर से अमरजीत, रामपुर से विमलावती, कटया से विद्यावती, माधोपुर से चन्द्रावती, नागपुर से शान्ति, नसीरपुर से सपना पाण्डेय, लबकरा से नबी रसूल, मिर्जापुर जेवैनिया से रामकुमार, अमहर पट्टी दक्षिण से विजय कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया।

इसी प्रकार से क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए मुड़ेरा से चन्दा व प्रमोद, बस्ती से वीर बहादुर, रसड़ा बाहरी से गीता व रीना, उरदैना से राम बदन, डेहरी से कुमारी देवी हरेराम, रौराचवर से रंजू यादव, बैजलपुर से शीला, बस्तौरा से धर्मेन्द्र, आमघाट से उमेश, पूरा दलई तिवारी से सोहराब, नरायणपुर से विजय, नसीरपुर से संगीता, लबकरा से अच्छेलाल, मिर्जापुर जेवैनिया से अशोक, अमहर पट्टी दक्षिण से मीना, कोटवारी से शिवनाथ वर्मा, रामपुर से ज्ञान्ती देवी निर्वाचित घोषित की गयीं।

इन्दरपुर चिलकहर प्रतिनिधि के अनुसार घोषित परिणामों के अनुसार प्रधान पद के लिए सिकरिया कला से घूरा राजभर, पियरही से रणजीत सिंह, रघुनाथपुर से करनेश सिंह, हजौली से परशुराम सिंह, नगपुरा से अशोक कुमार विन्द, ताखा से बसन्ती, वीरपुरा से दयाशंकर, बुढ़उ से संजय पासी, कुकरहां से हरिशंकर वर्मा, बड़सरी से राम हौसिला, सिकरिया खुर्द से पूनम गुप्ता, पखनपुरा से मीना, पचहुआ से खूबलाल, पाण्डेयपुर से शिवनाथ यादव, सवन से रामअवध यादव, कोड़रा से भागमुनी, जोगापुर से श्याम बिहारी यादव, मंगरौली से सुभावती, नफरेपुर से तेजबहादुर यादव, रामपुर असली से गणेश प्रसाद कन्नौजिया, कझारी से चन्द्रावती धोबी, युभा मोहन से सुरेन्द्र यादव प्रधान निर्वाचित घोषित किये गये।

इसी क्रम में क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए सिकरिया कला से संतोष कुमार, टीकादेवरी से पिन्टू सिंह, रघुनाथपुर से राजेन्द्र यादव, हजौली से लाल मुनी, ताखा से छोटे लाल, बुढ़उ से रूबी सिंह, सवन से सुरेन्द्र, पियरही से शैलेन्द्र पाण्डेय, बसनवार से दीनदयाल, कुरेजी से प्रमोद पाण्डेय, वीरपुर से मुन्नीदेवी, पचहुआं से सुभाष चन्द्र राम, पाण्डेपुर से निर्मला, मंगरौली से रंगीला यादव, कोड़रा से विरेन्द्र यादव, कझारी से रमावती, नफरेपुर से रणजीत प्रसाद, युभा मोहन से सुनील कुमार तथा सिसवार खुर्द से राजधारी निर्वाचित घोषित किये गये।

बिल्थरारोड प्रतिनिधि के अनुसार सीयर ब्लाक के ग्राम पंचायत समस्तीपुर से प्रधान पद के लिये अरविंद यादव, अखोप से जर्नादन यादव, जमीन सिसयैण्ड से मोतीचंद्र यादव, ससना बहादुरपुर से अजय सिंह, पचमा से राज किशोर यादव, अवायां से मंशा देवी, मिश्रौली से मंजू देवी, शेखपुर से रीता देवी, पलिया खास से दिग्विजय कुशवाहा, मझौवा से लहसिया देवी, जजौली से लाल बहादुर यादव, गोविंदपुर दुगौली से अभोरिक यादव, सेमरी से सरिता देवी, सतुहारी से संतोष गुप्ता, शाहपुर टिकिहा से पंकज सिंह, शमसुद्दीनपुर से अरविंद यादव, राजपुर से अमित सिंह, दोथ से श्रीराम नाथ यादव, खैराखास से मंजू यादव, बुद्धिपुर से साहब दयाल मौर्य, टंगुनिया से वीरेन्द्र राम, चैनपुर गुलौरा से सदानंद राम, अतरौल चक मिलकान से रामाशीष चौहान, सरयांडीहू भगत से सूर्यवती देवी, फरसाटार से लल्लन राम आदि विजयी हुए।

बैरिया प्रतिनिधि के अनुसार जगदेवां (पांडेयपुर) से रामजी यादव, दलपतपुर से रामजी यादव, नौरंगा से इन्दू ठाकुर, गोपालपुर से सरली देवी, चांदपुर से मंझरिया देवी, गोविंदपुर से प्रदीप ठाकुर, चक गिरधर (तिवारी के मिल्की) गांव से रमावती यादव, चकिया से सुभाष वर्मा, बैरिया से शांति देवी और दयाछपरा से सर्वजीत पासवान ने विजय हासिल की।
गड़वार प्रतिनिधि के अनुसार नवनिर्वाचित प्रधान प्रत्याशी: खड़ींचा से सुग्रीव सिंह, दामोदपुर से विपुल पाण्डेय, उन्हा उत्तम से राधा किशुन, भलुहीं से जयराम चौहान, चकरी से उषा देवी, कोटवां से ओम प्रकाश, फेफना से अन्नपूर्णा देवी, त्रिकालपुर से पद्मजा उपाध्याय, रतसड़ कला से नईम, नवादा से राजकुमारी विजयी हुईं।

नरहीं प्रतिनिधि के अनुसार नरहीं से छोटकी देवी, कैथोली से रामनिवास यादव, सुजायत से रमाशंकर राजभर, दौलतपुर से राजेश सिंह, चौरा से शेषनाथ सिंह, महरैव से धीरेन्द्र राजभर, कथरिया से लाल मोहर गुप्त, धर्मापुर से शीला तिवारी, पिपरा कला से रामजी राम, कारों से गामा राम, अख्तियारपूर से गुपुत नाथ यादव, नसीरपुर से छोटे लाल प्रधान पद पर विजयी हुये।

Tuesday, October 26, 2010

भगवत् भक्ति में तर्क का कोई स्थान नहीं!

भगवत् भक्ति में तर्क की कोई जगह नहीं। शिव कथा में जिसकी भक्ति नहीं उसे राम कथा सुनने का भी अधिकार नहीं। यह बातें अयोध्या से पधारे अजय शास्त्री उर्फ बिन्दु जी महाराज ने कही। वह सोमवार को निकटवर्ती गांव बभनौली स्थित काली मंदिर पर शिव पूजन उपाध्याय के संयोजकत्व में आयोजित शतचण्डी महायज्ञ के दौरान प्रवचन कर रहे थे। सती के एक प्रसंग को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि शंकर की अद्र्धागिनी तो केवल श्रद्धा ही हो सकती है लेकिन सती का मन कैलाश में बसा था उसी का परिणाम रहा शंकर से उनका विछोह। इसके लिए उन्हे प्रायश्चित करना पड़ा। फिर भी शंकर नहीं मिले तो सती को हजार वर्ष तक कठोर तपस्या करनी पड़ी। पार्वती व शंकर विवाह का मार्मिक वर्णन करते हुए शास्त्री जी ने कहा कि शंकर जब दूल्हा बन कर चले तो धर्म अर्थात नंदी पर सवार होकर और वह भी पीछे मुंह करके। वह लोगों को बताना चाहते थे कि ससुराल जाओ तो मुंह परिवार की तरफ करके। अगर मुंह भूल से भी ससुराल की तरफ हो गया तो स्थिति गड़बड़ हो सकती है। आचार्य ने जोर देकर कहा कि भगवान शंकर व पार्वती के संयोग से श्रीराम कथा रूपी गंगा प्रवाहित हुई। उन्होंने कहा कि कलिकाल में लोग शरीर से कम, मन से ज्यादा परेशान है। ऐसे लोगों को शिव कथा सुननी चाहिये।

Saturday, October 23, 2010

कलश यात्रा के साथ महारूद्र यज्ञ शुरू !

श्री जंगली बाबा धाम पर आयोजित ग्यारह दिवसीय महारूद्र यज्ञ का शुभारम्भ भव्य कलश यात्रा के साथ शनिवार को हुआ। ओम् नम: शिवाय! से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा।

हाथी, घोड़ा, बाजा-गाजा के साथ हजारों नर-नारी कलश यात्रा में शामिल रहे। लगभग एक किमी की यात्रा सहित पूरे नगर भ्रमण के पश्चात यात्रा यज्ञ स्थल पर पहुंची, जहां कलश लेकर लड़कियों, महिलाओं ने परिक्रमा कर पूजन किया। श्री जंगली बाबा के मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका तथा संत बसेरा में संत श्री उड़िया बाबा का आशीर्वाद लिया। कलश यात्रा में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, नारद जी, हनुमान जी की झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। बद्री विशाल की अध्यक्ष में प्रभात फेरी में संस्थान के रमेश दास, राजकुमार मिश्र रथ के साथ भजन में लगे रहे। यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञाचार्य पं. धीरेन्द्र पाण्डेय व सहायक आचार्य गण छोटे लाल उपाध्याय आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप प्रवेश, पंचांग पूजन व अरणी मंथन से अग्रि स्थापित किये।

Sunday, October 17, 2010

क्षेत्रीय खेलकूद में बलिया की सुनीता चैम्पियन !

ऊरई, जालौन में हुई क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्थानीय नागाजी सरस्वती शिशु मंदिर भृगुआश्रम की छात्रा सुनीता ने चैम्पियन खिलाड़ी बनने का रुतबा हासिल कर जनपद को गौरवान्वित किया। उसने 100 मीटर, 400 मीटर की दौड़ व 100&4 मीटर रिले रेस में पहला स्थान हासिल किया। विद्यालय के व्यवस्थापक राम कुमार तिवारी ने सुनीता को सम्मानित करते हुए उसका पूर्ण शुल्क मुक्त करने की घोषणा की है। प्रधानाचार्य बजरंग प्रताप सिंह ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। बता दें कि इसके पूर्व देवरिया में आयोजित प्रांतीय खेलकूद में भी सुनीता ने 100 मीटर, 400 मीटर, शॉटफुट व रिले में प्रथम स्थान हासिल किया था। वहीं 50 मीटर की दौड़ में भूपेंद्र ने प्रथम स्थान हासिल किया था। खो-खो में भी इस विद्यालय की टीम अव्वल रही जिसकी वजह से प्रांतीय खेलकूद में बलिया अव्वल रहा।

डीएम साहब ! कुछ तो सोचें इन सड़कों के बारे में

..जुलाई, अगस्त, सितम्बर का महीना राह देखते बीत गया। अक्टूबर में भी एक पखवारा गुजर गया लेकिन शहर के उत्तर की खस्ताहाल सड़कों का कायाकल्प नहीं हुआ। राहगीर रोजाना हो रहे है लहूलुहान। वाहन, रिक्शे भी अक्सर पलट रहे है फिर भी कोई सुनवाई नहीं। ऐसे में डीएम साहब! कुछ तो सोचें इन सड़कों के बारे में क्योंकि ये नारकीय परिस्थितियां अब झेली नहीं जा रही है। यह आवाज है उन लोगों की जो महीनों से यह दुर्दशा झोलने को अभिशप्त है। उनका कहना है कि प्रशासन की कैसी हिदायत है कि निर्देशों के बाद भी इन सड़कों की तस्वीर बदलने के प्रति उदासीनता ही बरती जा रही है। यहां बात हो रही है एनसीसी तिराहे से दक्षिण बलिया-बांसडीह मुख्य मार्ग की जिस पर चलना इन दिनों खतरे से खाली नहीं है। बड़े-बड़े गढ्डें, थोड़ी सी भी बरसात में पूरी सड़क का कीचड़ से सराबोर हो जाना, लोग यह समझ नहीं पा रहे कि यह परेशानी उन्हे और कितने दिन झेलनी पड़ेगी। यही स्थिति बलिया-सिकंदरपुर मार्ग की भी है। रामपुर व बहादुरपुर में तो इस सड़क का नक्शा ही बदल गया है। सड़कों पर घरों का गिरता गंदा पानी राहगीरों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं साबित हो रहा।

सदर अस्पताल: सुबह साढ़े नौ बजे तक नहीं कटी पर्ची !

जिला चिकित्सालय में शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे तक पर्ची काटने का काम बाधित रहा और इस दौरान सभी चिकित्सक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष में बैठक करते रहे। इस संदर्भ में जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसपी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारी आज नहीं आयी है और उसी के पास चाबी है। मीटिंग के संदर्भ में उन्होंने बताया कि लखनऊ से कोई उच्च अधिकारी आये हैं और वह मीटिंग ले रहे हैं। इस दौरान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। उधर उप्र उद्योग व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल जिला महामंत्री संजीव कुमार डम्पू के नेतृत्व में सदर अस्पताल में व्याप्त दु‌र्व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.एसपी सिंह से मिलकर व्यवस्था में सुधार की मांग की। प्रतिनिधि मंडल ने ठेकेदारी व्यवस्था से जुड़े सफाई कर्मियों की हड़ताल के बाद अस्पताल में व्याप्त गंदगी, डाक्टरों का समय पर अपने कक्ष में न बैठना आदि की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया। साथ ही 9:30 बजे तक जांच पर्ची काउन्टर शुरू न होने पर लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में जिला युवा अध्यक्ष संजीव कुमार डम्पू, नगर युवा अध्यक्ष रवि आनंद, सोनू बाबा, जय कुमार, शशि सेठ, धनंजय सिंह आदि शामिल रहे।

Sunday, October 3, 2010

बच्चों ने कैनवास पर उतारा हुनर !

रोटरी क्लब बलिया द्वारा रविवार को संस्थान पर आयोजित एकता व शांति विषयक चित्रकला प्रतियोगिता में लगभग तीन दर्जन बच्चों ने अपने हुनर कैनवास पर उतारे। क्लब के अध्यक्ष रो.राजेश कुमार जायसवाल ने बच्चों को पुरस्कृत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में सहभाग करने से प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है तथा जीवन में आने बढ़ने की ललक पैदा होती है। इस अवसर पर सचिव सुनील सर्राफ ने कहा कि प्रतियोगिता में सहभाग करने वाले सभी प्रतिस्पर्धी अनोखी प्रतिभा के धनी है और इनका हुनर काबिलेतारीफ है। इस अवसर पर क्लब के अशोक सेठ, संजय सिंह, अमिताभ श्रीवास्तव, अजीत कुमार, डा.जी प्रसाद, प्रमोद सर्राफ सहित कई रोटेरियन उपस्थित रहे।

Saturday, October 2, 2010

का हो चाचा चानी बा न भर चुनाव !

बेलहरी ब्लाक के एक चर्चित गांव के मूल निवासी है चाचा सुभग नारायण सिंह (काल्पनिक नाम)। सुभग नारायण यूनिवर्सल चाचा हैं। गांव का जवान बूढ़ा बच्चा सब उन्हे चाचा ही कहता है। चाचा हैं भी वाकई सार्वभौम गंवई मान्यता प्राप्त। सबमें घुल मिलकर रहते हैं। यही कारण है कि गांव के कुछ सटीक टिप्पणीकार उन्हें 'आलू' भी कहते हैं। आलू इस सेन्स में कि सब्जी का आलू किसी भी सब्जी के साथ मिक्स होकर फिट बैठ जाता है। ये चाचा भी ऐसे ही है। किसी के भी साथ दूध पानी की तरह घुलमिल जाते हैं और हर किसी से जब चाहे इनकी छनने लगती है। चुनाव आते ही चाचा सुभग नारायण अति प्रासंगिक हो जाते हैं। पंचायत चुनाव में तो पूछना ही क्या। पर इस बार स्थिति भिन्न है। पर्चा दाखिला और वापसी के बीच ही चाचा जब गांव के पूरब टोले से गुजर रहे थे एक नौजवान ने जुमला फेंका का हो चाचा चानी कट ता न भरि चुनाव। हमेशा खुश रहने वाले, हरफनमौला, इस तरह की बातों को भी गरियाते हुए हंसी के फव्वारे में बदल देने वाले चाचा जैसे सहम से गए। सवाल भीतर तक चुभ गया और वे आज के चुनाव की परिस्थितियों पर गौर करने लगे। अबकी का चुनाव उनके जैसे यूनिवर्सल आदमी को भी सीमा में बांध दिया है। प्रत्याशियों की जैसे बाढ़ आ गयी है। प्रधान व बीडीसी के लिए आठ-आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। ग्राम पंचायत सदस्य की तो बात ही अलग है। चाचा की परेशानी यह है उनके भतीजे की पत्‍‌नी भी चुनाव लड़ रही है। अब वे करे भी तो क्या। सब एक दूसरे से प्रधान बीडीसी का साट लगाए हैं। ऐसे में उनकी स्थिति भी असमंजस की हो गयी है। अब चाचा पलट कर क्या जवाब दें कि अबकी चुनाव में चांदी तो क्या कस्कुट भी नहीं कट रहा है। सबसे बड़ी बात कि उनकी सर्वस्वीकार्यता पर भी प्रश्रन्चिन्ह लग गया है।

खइला पियला से का खुंटवा जगहे पर गड़ाई

गड़वार व फेफना थाना अन्तर्गत स्थानीय क्षेत्र के विभिन्न गांवों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर लागू आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को तमाम तरह के प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने का कुटिल कुचक्र किया जा रहा है। दूसरी ओर मतदाता भी अपनी चतुराई दिखाते हुए सभी की जय करने में लगे हैं। इससे प्रत्याशियों में काफी बेचैनी है। सिहांचवर कला, सिहांचवर खुर्द, बहादुरपुर, पक्का कोट, कोपवां, देहलूपुर, जगदीशपुर, पियरिया, सवंरूपुर, जिगनी खास आदि गांवों में आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए विभिन्न पदों के प्रत्याशियों द्वारा, विदेशी शराब तथा कच्ची दारू के साथ खाने पीने का इंतजाम कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मतदाता सबकी जय कर प्रत्याशियों की नींद हराम फिर हुए हैं। गांवों में प्रत्याशियों की आई बाढ़ से उहापोह की स्थिति है। गांव और क्षेत्र में बुद्धिजीवी मतदाताओं को समझ में नहीं आ रहा कि किस की ओर चला जाय। वे खामोश रह सबको तौलने का काम कर रहे हैं। कुछ मतदाता यह कहने से नहीं चूकते कि खा पीय कतहीं खुंटवा जगहे पर पर गड़ाई। ऐसे मतदाताओं के प्रत्याशी पहले से ही सेट हैं लेकिन खाने-पीने सभी प्रत्याशियों के यहां जाते और उनकी जय कर रहे है।

सावधान : अब समर्थक भी उठा रहे बकरे

सावधान अब प्रत्याशियों के समर्थक बकरे भी उठा रहे है। जी हां ऐसा ही वाकया सलेमपुर ग्राम में घटित हुई है। मंगलवार को चुनाव प्रचार के लिए स्कार्पियों से आये किन्हीं प्रत्याशी के समर्थकों ने यह कारनामा करते हुए सलेमपुर गांव के विशम्भर के दरवाजे पर बंधे दो बकरों को उठा लिया तथा चलते बने। इस घटना की चर्चा जहां पूरे क्षेत्र में जोरों पर है। घटना की सूचना नगरा पुलिस को भी दे दी गयी है।

चुनावी संकट : पिलाते भी वही छुड़ाते भी वही

पंचायत चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र में अवैध कच्चे शराब की बिक्री जहां धड़ल्ले से की जा रही है। प्रत्याशियों द्वारा समर्थकों को यह शराब थोक मात्रा में उपलब्ध कराने, पिलाने से लेकर पकड़े जाने पर उनकी जमानत करा थाने से छुड़ाया भी जा रहा है जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताते चलें कि छिब्बी ग्राम निवासी एक राजभर जाति के युवक को प्रत्याशियों का शराब पीना तथा शराब साथ ले जाना तब महंगा पड़ा जब उसे पुलिस ने पकड़ लिया किन्तु तत्काल उसे सम्बन्धित प्रत्याशी द्वारा निजी मुचलके पर किसी के माध्यम से पुलिस से मुक्त करा लिया गया।

Thursday, September 30, 2010

स्कूलों में शिक्षा के साथ खेलकूद को भी दें बढ़ावा !

विद्यालयों में शिक्षा के साथ ही खेलकूद संबंधी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाय। बिना इसके प्रतिभावान खिलाड़ी सामने नहीं आ सकेंगे। यह बातें जिला विद्यालय निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने कही। वह बुधवार को यहां कुंवर सिंह इण्टर कालेज के परिसर में क्रीड़ा समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। माध्यमिक विद्यालयों के जनपदीय क्रीड़ा समारोह की बाबत उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स की प्रतियोगिता नवम्बर में आयोजित की जायेगी। इस क्रम में अन्य खेलों की प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम भी बहुत जल्द निर्धारित कर दिया जायेगा। उन्होंने बैठक में मौजूद प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि इसकी तैयारी प्रारम्भ कर दी जाय ताकि क्रीड़ा समारोह को भव्यता प्रदान की जा सके। बैठक में जगदीश ओझा, विजय कांत सिंह, डा.विश्वरंजन सिंह, चन्द्रशेखर उपाध्याय आदि ने विचार रखे। संचालन प्रधानाचार्य अवधेश सिंह ने किया।

विधान चन्द्र बने क्रीड़ा सचिव

कुंवर सिंह इण्टर कालेज के परिसर में हुई क्रीड़ा समिति की बैठक में समिति के पदाधिकारियों का चुनाव किया गया। पदेन अध्यक्ष जिला विद्यालय निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि विधान चन्द्र राय को सचिव की जिम्मेदारी दी गयी है जबकि अब तक इस पद की जिम्मेदारी सम्भालने वाले हरेद्र सिंह समिति के संरक्षक होंगे। इस क्रम में मेजर दिनेश सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, विष्णुदेव राय के अलावा प्रधानाचार्य जीआईसी, जीजीआईसी व गुलाब देवी इण्टर कालेज को उपाध्यक्ष बनाया गया। रमेश चन्द्र श्रीवास्तव को उप सचिव, डा.प्रदीप श्रीवास्तव को कोषाध्यक्ष, अशोक कुमार सिंह को उप कोषाध्यक्ष, शैलेंद्र कुमार सिंह को आय व्यय निरीक्षक, राज नारायण राय व अजय कुमार पाण्डेय को प्रचार मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गयी वहीं अरुण कुमार शुक्ल को जनपदीय क्रीड़ा प्रभारी नियुक्त किया गया।

Saturday, September 25, 2010

पितरों की श्रद्धा के साथ की गयी पूजा शीघ्र होती फलित !

हिन्दू धर्म में श्राद्ध का अत्यधिक महत्व है। भाद्र पद पूर्णिमा से आश्रि्वन कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि तक श्राद्ध पक्ष कहलाता है। क्षेत्र के शुभनथही निवासी पं.कौशल कुमार मिश्र ने बताया कि पितृ पक्ष में पितृ गणों की प्रसन्नता के लिए उनकी श्राद्ध करने की धार्मिक मान्यता है। श्राद्ध 12 प्रकार के होते है। पितृगणों की श्रद्धा-आस्था व विश्वास के साथ की गई पूजा शीघ्र फलित होती है जिससे भौतिक सुख-समृद्ध, वैभव, यश सफलता आदि प्राप्त होती है। सौभाग्य का मार्ग प्रशस्त होता है। यह पूजन कार्य कर्मकाण्डी पंडितों से करवाना चाहिए। अमावस्या तिथि को सभी पितरों का श्राद्ध करने का विधान है। श्राद्ध सम्बन्धित कृत्य मध्याह्न काल में करना उत्तम होता है और सूर्यास्त के बाद श्राद्ध करने का विधान है। श्राद्ध में मुख्य रूप से तीन कार्य किये जाते है यथा पिंडदान, तर्पण व ब्राह्मण भोजन। श्राद्ध में सम्बन्धित ब्राह्मणों को भोजन कराने की प्रथा है। ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद उनको वस्त्र, पात्र व यथाशक्ति दक्षिणा देकर उनको प्रसन्न करके विदाई करना चाहिए। इसके साथ ही गौ व कौवों को भी भोजन खिलाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन सब श्राद्ध की कृत्यों को करने पर पितृगण प्रसन्न होते है। उनसे हमें आशीर्वाद की प्राप्ति होती है। पितृपक्ष में भोजन शुद्ध, सात्विक व शाकाहारी बनाया जाता है। इसमें लहसुन व प्याज वर्जित है। भोजन में मिष्ठान होना अति आवश्यक है। श्राद्ध वाले दिन सतकृत्यों की ओर मनोवृत्ति होनी चाहिए। ब्रह्मचर्य नियम का पालन करना चाहिए। दिवंगत माता-पिता व पूर्वजों की मृत्यु तिथि को श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध सम्बन्धित सभी कार्य करवाने चाहिए। श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध न होने पर व्यक्ति को नाना प्रकार के कष्ट झेलने पड़ते है। मनोकामना की पूर्ति में बाधा आती है। परिवार में कोई न कोई अस्वस्थ रहता है, संतान सम्बन्धित कष्ट रहते है, वंश वृद्धि नहीं होती। दुर्घटना व असामयिक मौत व अन्य परेशानियां परिवार में देखने को मिलती है। श्राद्ध कृत्य विधान से होने पर समस्त दोषों का निवारण होकर जीवन सुखद बनता है।

Monday, September 6, 2010

सांस्कृतिक कार्यक्रम में जया ने मारी बाजी !

शिक्षा क्षेत्र सोहांव के प्राथमिक विद्यालय बसन्तपुर में सोमवार को नेहरू युवा केन्द्र के संयोजकत्व में आयोजित ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में नेहरू युवा मंडल सेनुरिया की कलाकार जया शर्मा ने 'स्वर्ग में गांधी नेहरू रोई-रोई कहे ई बात हो' गीत गाकर प्रथम स्थान अर्जित किया। मन्नू ठाकुर ने अपने लोकगीत की छठा बिखेर कर दूसरा स्थान व निधि राय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया जबकि बटेश्वर यादव ने पढ़ ऐ भइया पढ़ले में भलाई बा गाकर विशेष स्थान अर्जित किया। निर्णायक की भूमिका में मनोज तिवारी, सुधीर तिवारी, प्रेमचन्द राय व जयशंकर रावत रहे। बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत राज अधिकारी जंग बहादुर सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत करने के बाद कहा कि भोजपुरी लोकगीत के अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों की जननी गड़हा क्षेत्र की लोक परम्परा बहुत ही समृद्ध है इसीलिए आज भी जनपद के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा गड़हाचंल में काफी नवोदित कलाकार हैं। आभार नेहरू युवा के समन्वयक कपिल देव ने व्यक्त किया। संचालन शत्रुघ्न राय ने किया।

Sunday, September 5, 2010

भाव में भक्तों के लिए नियम तोड़ देते भगवान!!

भागवत कथा वाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री 'कन्हैया' जी ने कहा कि भगवान प्रेममयी है। वह भाव के भूखे रहते हैं। सच्चे मन से याद करने पर वह भक्तों के लिए अपने नियम बदल कर रक्षा के लिय आ जाते हैं।

श्री कन्हैया नगर के रामलीला मैदान में प्रभात फेरी सेवा संस्थान के तत्वावधान में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों के बीच बोल रहे थे। कहा कि ब्राह्माणों को दान देने से धन बढ़ता है। आदमी को हमेशा अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। नर्क व स्वर्ग की चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है उसका फल यहीं भोगता है। भगवान को हमेशा अपने कर्म के बल पर प्रसन्न करने वाला भक्त ही सफल होता है। इसके पूर्व कथा की शुरूआत भागवत भगवान की आरती से हुई। भक्तों की सेवा भाव व व्यवस्था में राकेश कुमार गुप्त, केदार नाथ, मनोज कुमार, राकेश कुमार अग्रवाल, हृदया नंद चौधरी, सुशील अग्रवाल, सूर्य प्रकाश अग्रवाल, कृष्णकांत तिवारी, राज कुमार मिश्र, लक्ष्मण सिंह आदि लगे रहे। सातवें दिन के यजमान राज किशोर रहे।

आदर्श शिक्षक के रूप में याद किये गये राधाकृष्णन!

शिक्षक दिवस पर रविवार को पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा.राधाकृष्णन आदर्श शिक्षक के रूप में याद किये गये। इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में डा.राधाकृष्णन के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया गया।

टाउन डिग्री कालेज के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर बरमेश्वर पाण्डेय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर अवकाश प्राप्त शिक्षक अवध बिहारी चौबे के सम्मान समारोह के अवसर पर कहा कि पश्चिमी संस्कृति की चपेट में आकर व्यावसायिक बनती जा रही शिक्षा को संस्कार के रूप में विकसित नहीं किया गया तो भारतीय संस्कृति व शैक्षणिक वातावरण सदा-सदा के लिए कलुषित हो जायेगा। इस अवसर पर डा.जनार्दन राय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान व कर्तव्य की वह अनुकरणीय प्रणाली है जहां भटकती मानवता को दिशा मिलती है तथा अनुसंधानकर्ता को तत्वज्ञान। इस अवसर पर उपस्थित जनों ने सरस्वती व डा.राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में ध्रुवपति पाण्डेय ध्रुव, डा.देव कुमार सिंह, कैलाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

नगर के चन्द्रशेखर नगर स्थित शक्ति स्थल शिशु मंदिर व बालिका हाईस्कूल में आयोजित गोष्ठी में विद्यालय के प्रबन्धक दुर्गादत्त त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों के चरित्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम होती है। श्री त्रिपाठी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका अम्बिका त्रिपाठी को अंगवस्त्रम् भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ओमप्रकाश तिवारी, राजेन्द्र प्रसाद, संजीव चौबे आदि मौजूद रहे।

सदानन्द शिशु सदन बालिका जूनियर हाईस्कूल जापलिनगंज में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम उल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर अन्नू राय इण्टरमीडिएट कालेज चौरा के प्रधानाचार्य डा. शिवकुमार मिश्र ने कहा कि राधाकृष्णन एक आदर्श शिक्षक के रूप में आजीवन याद किये जायेंगे।

माशिसं पाण्डेय गुट ने मनाया विरोध दिवस

उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ पाण्डेय गुट के शिक्षकों ने भी डा.राधाकृष्णन को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए 4 माह से वेतन न मिलने के कारण शिक्षक दिवस को विरोध दिवस के रूप में मनाया। संघ के प्रान्तीय उपाध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने कहा कि डा.राधाकृष्णन एक आदर्श शिक्षक के साथ ही दर्शन शास्त्र के प्रकांड ज्ञाता थे। द्वितीय राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने अपना जन्म दिवस शिक्षक दिवस के रूप में मना कर शिक्षकों जो सम्मान दिया उसके लिए शिक्षक समाज उनका आजीवन ऋणी रहेगा। इस अवसर पर ज्योति स्वरूप पाण्डेय, डा.डीएन सिंह, सुधाकर पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

माशिसं शर्मा गुट ने दिया धरना

माशिसं शर्मा गुट ने शिक्षक दिवस के अवसर पर भृगु मंदिर में धरना दिया। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि अब शिक्षक होना गर्व की बात नहीं। लम्बित वेतन व सीडी जांच के नाम पर हो रहे उत्पीड़न के प्रति अपना गुस्सा अध्यापकों ने दिखाया। साथ ही शिक्षक सुरेन्द्र सिंह पर गैंगस्टर लगाये जाने की तीव्र भ‌र्त्सना की। इस दौरान विष्णुदेव राय, अशोक श्रीवास्तव, शशि कुमार सिंह, रंगनाथ मिश्र, अरविन्द शुक्ल, आदि ने अपनी सहभागिता की। संचालन डा.शिव कुमार मिश्र ने किया।

रेड रिबन एक्सप्रेस : यौन जनित रोगों की होगी जांच!

रेड रिबन एक्सप्रेस परियोजना के तहत बलिया में सात सितम्बर को पहुंच रही रेड रिबन एक्सप्रेस ट्रेन में यौन जनित रोगों की जांच की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्लेटफार्म पर भी दो दर्जन स्टाल के माध्यम से स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों की जानकारी भी पब्लिक को मुहैया करायी जाएगी। रविवार को जिला क्षय रोग अधिकारी व एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभारी कैप्टन डा.एके पाण्डेय ने पत्रकार वार्ता के दौरान प्रतिनिधियों को बताई। उन्होंने रेड रिबन एक्सप्रेस से जुड़ी सभी जानकारियों पर प्रकाश डाला। कहा कि इंजन सहित आठ बोगियों वाली इस ट्रेन में कुल छह डिब्बे ही जागरूकता कार्यक्रम के लिए हैं। एक से चार नम्बर तक की बोगियों में प्रदर्शनी तथा बोगी नं. पांच में प्रशिक्षण की व्यवस्था है। बोगी नं. छ: जांच व चिकित्सकीय उपचार के लिए है। बताया कि ट्रेन के बाहर भी लगाये गये स्टालों में एक से लेकर बारह तक स्वास्थ्य विभाग के लिए ही होगी। बाकी अन्य सरकारी विभाग के लिए है। डा.पाण्डेय ने कहा कि दूरस्थ गांवों में प्रचार हेतु भी चालीस गांवों का भी चयन किया गया है जहां मंच बनाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जा रहे हैं।

महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित

रेड रिबन एक्सप्रेस के भ्रमण में असुविधा के लिए प्रशासन ने भ्रमण का एक कार्यक्रम बनाया है। कार्यक्रम के मुताबिक सात सितम्बर के प्रथम पाली का समय शहरी महिलाओं तथा द्वितीय पाली का समय शहरी क्षेत्रों के पुरुषों के लिए आरक्षित है। उसी तरह आठ सितम्बर का समय प्रथम पाली में ग्रामीण महिलाओं तथा द्वितीय पाली ग्रामीण पुरुष वर्ग के लिए है।

.....आखिर पांच सौ एड्स के मरीज गये कहां!!

एड्स अब महानगरों का ही घातक रोग नहीं रहा बल्कि इसके मरीज गांव की झुग्गी-झोपड़ियों में भी मिलने लगे है। इसकी पुष्टि बलिया में अब तक मिले मरीज भी कर रहे है जो इसे महानगरों से लेकर यहां आये। सरकारी आंकड़ा अब 500 तक पहुंच गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार इनकी संख्या करीब पंद्रह सौ से ऊपर बतायी जा रही है। खतरनाक बात यह कि एड्स के मरीज चिह्नित किये जरूर जाते है लेकिन बाद में उनके बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाती। स्वास्थ्य विभाग भी ऐसे मरीजों की खोज खबर नहीं लेता। सीएमओ डा.सुनील भारती के अनुसार इसकी रोकथाम के लिए कोई टीका अभी विकसित नहीं किया जा सका है। एड्स मरीजों को जो दवा दी जाती है वह मात्र वायरस की प्रगति को रोक देता है। दवाओं के सहारे भी मरीज को 15 से 20 साल तक ही जीवित रखा जा सकता है। इस इलाज को एआरटीओ अर्थात एंटी रेट्रोवायरल ट्रीटमेंट कहा जाता है जिसके तहत मरीज को कई तरह की दवाइयां दी जाती हैं।

आईसीटीसी में अब तक पांच सौ मरीज चिह्नित

जिला चिकित्सालय के कमरा नम्बर 23 में संचालित 'एकीकृत परामर्श व परीक्षण केन्द्र' (आईसीटीसी) में अब तक पांच सौ मरीज चिह्नित किये गये है। यहां एड्स के बारे में नि:शुल्क परामर्श, जांच व दवा की व्यवस्था है। इस केन्द्र के परामर्शदाता विजय तिवारी बताते है कि एड्स का परीक्षण मरीज के खून की जांच से होता है। पुरुष को परामर्श देने के लिये पुरुष परामर्शदाता तथा महिला को परामर्श देने के लिये महिला परामर्शदाता की व्यवस्था है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय के यौन रोग निदान केन्द्र एसटीडी सेंटर पर भी परामर्श की व्यवस्था है।

एड्स क्या है?

एड्स चार अक्षरों से बना है एआईडीएस अर्थात एक्वायर्ड इम्यून डिफिसियेंसी सिंड्रोम। यह रोग एक वायरस के कारण होता है जिसको एचआईवी कहते हैं। एचआईवी संक्रमित मरीज के शरीर के अंदर रोगों से लड़ने की क्षमता समाप्त हो जाती है जिसके कारण मरीज कई रोगों से ग्रस्त होकर 10 से 15 वर्ष के अंदर मर जाता है।

कैसे फैलता है यह

एड्स संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध से, एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने से, बिना उबली या इस्तेमाल की हुई संक्रमित सूई से, बच्चे को जन्म देते समय एचआईवी संक्रमित माता से उसके शिशु को।

एड्स संक्रमित मरीज के लक्षण

मरीज प्राय: टीबी से ग्रसित हो जाता है। वह टीवी की दवा देने से भी ठीक नहीं होता है। मरीज को लम्बे समय से बुखार रह सकता है। मरीज को डायरिया हो जाता है। उसकी ग्रंथियों में सूजन हो जाती है। मरीज का वजन तेजी से गिरता जाता है।

एड्स के संबंध में गलतफहमी

चूंकि यह लाइलाज रोग है इसलिए इसके संबंध में जानकारी के अभाव में दहशत अधिक है। एचआइवी के वायरस शरीर के बाहर सबसे दुर्बल वायरस है अर्थात शरीर के बाहर ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह सकता है लेकिन शरीर के अंदर सबसे शक्तिशाली वायरस है जिसके आगे दवा भी लाचार हो जाती है। इसे याद रखें कि संक्रमित व्यक्ति को छूने से, मच्छर के काटने से, संक्रमित मरीज के साथ नौकरी करने से, संक्रमित मरीज के साथ खाने पीने से, संक्रमित मरीज के कपड़े पहनने से, हाथ मिलाने से या साझा शौचालय के प्रयोग से एड्स नहीं फैलता है।

सावधानियां

सुरक्षित कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए। कंडोम के अलावा अन्य कोई भी गर्भ निरोधक उपाय एड्स के प्रति सुरक्षा नहीं देते हैं। कंडोम के सही ढंग से इस्तेमाल की विधि भी ज्ञात होनी चाहिए। अज्ञात व्यक्ति जिसके चरित्र के बारे में ज्ञात नहीं है के साथ असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए। सुरक्षित रक्त का ही इस्तेमाल करना चाहिये। डिस्पोजेबल इंजेक्शन का इस्तेमाल करना चाहिए। सैलून में नये ब्लेड से सेविंग करानी चाहिए न कि उस्तरा से।

Saturday, September 4, 2010

पंचायत चुनाव : चिह्नित किये गये बखेड़ा वाले मतदान केन्द्र!

पंचायत चुनाव को शान्ति पूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस ने बवालिया केन्द्रों को चिह्नित कर दिया है। आसन्न चुनाव के मद्देनजर अति संवेदनशील केन्द्र के रूप में 820 व संवेदनशील केन्द्र के रूप में चिह्नित कर लिए गये हैं। प्रशासन द्वारा चिन्हित संवेदनशील व अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों की विकास खण्डवार संख्या जारी कर दी गयी है। बवाल करने वाले केन्द्रों की संख्या खण्ड विकास वार आकलन करें तो सर्वाधिक अति संवेदनशील केन्द्र विकास खण्ड मनियर में हैं। यहां 155 केन्द्रों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। विकास खण्ड बैरिया में सबसे कम मात्र 14 केन्द्र अति संवेदनशील हैं। विकास खण्डवार विवरण देखें तो सीयर में 34 संवेदनशील व 55 अति संवेदनशील, बैरिया में क्रमश: 18 व 14, पन्दह में 37 व 37, बांसडीह में 15 व 46, बेरुआरवारी में 7 व 16, गड़वार में 25 व 28, सोहांव में 24 व 37, नवानगर में 14 व 52, नगरा में 21 व 106, चिलकहर में 24 व 71, रसड़ा में 41 व 40, दुबहड़ में 24 व 24, बेलहरी में 13 व 18, हनुमानगंज में 21 व 44, मनियर में 15 व 155, मुरली छपरा में 21 व 19 तथा रेवती में 13 व 58 केन्द्रों को सूचीबद्ध कराया गया है। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान इन केन्द्रों पर महकमे की पैनी नजर रहेगी।

पंचायत चुनाव : मतदान का कार्यक्रम घोषित!

जिले में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य सहित ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए प्रथम चरण का मतदान 11 अक्टूबर को प्रात: सात बजे से होगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रेषित प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम शनिवार को पंचास्थानि चुनावालय को प्राप्त हो गया। आयोग द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राज्य सरकार चुनाव की अधिसूचना 16 सितम्बर को जारी करेगी। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सूचना 17 सितम्बर को जारी की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट इस अधिसूचना को जनपद में 18 सितम्बर को जारी करेंगे। निर्वाचन अधिकारी पंचास्थानि द्वारा इसे 20 सितम्बर को सार्वजनिक किया जाएगा।

चुनाव कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण के लिए नामांकन पत्र भरने का कार्यक्रम 23 सितम्बर को प्रारम्भ हो जाएगा जो 25 सितम्बर तक चलेगा। नामांकन पत्रों की जांच 26 व 27 सितम्बर को की जाएगी। 28 व 29 सितम्बर को उम्मीदवारी वापस ली जा सकेगी। 29 को ही चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया जाएगा। मतदान 11 अक्टूबर को होगा। दूसरे चरण के लिए नामांकन 26 से 28 सितम्बर तक, नामांकन पत्रों की जांच 29 व 30 सितम्बर, नाम वापसी एक व तीन अक्टूबर, चुनाव चिन्ह आवंटन तीन अक्टूबर तथा मतदान 14 अक्टूबर को होगा। तृतीय चरण में नामांकन 30 सितम्बर से तीन अक्टूबर तक, नामांकन की जांच चार व पांच अक्टूबर को, उम्मीदवारी वापस लेने का समय 6 व 7 अक्टूबर, चुनाव चिन्ह आवंटन सात अक्टूबर तथा मतदान 20 अक्टूबर को होगा। अंतिम चरण की प्रक्रिया में नामांकन चार व छ: अक्टूबर को, नामांकन की जांच सात से दस अक्टूबर, नाम वापसी 11 व 12 अक्टूबर, चुनाव चिन्ह आवंटन 12 अक्टूबर को तथा मतदान 25 अक्टूबर को होगा। आयोग के अनुसार दो अक्टूबर (गांधी जयंती) आठ अक्टूबर (महाराजा अग्रसेन जयंती) तथा नौ अक्टूबर (मा. कांशी राम निर्वाण दिवस) को निर्वाचन सम्बन्धी कोई कार्य निष्पादित नहीं होंगे।

मतगणना 28 व 30 को

निर्वाचन आयोग ने भीड़ से बचने के लिए इस बार दो दिन मतगणना कराने का निर्णय लिया है। आयोग के मुताबिक सदस्य ग्राम सभा व ग्राम प्रधान पद की मतगणना 28 अक्टूबर को तथा सदस्य क्षेत्र पंचायत व सदस्य जिला पंचायत पद की मतगणना 30 अक्टूबर को होगी।

बौद्ध परिपथ के विरोध में जंग की तैयारी!!

बोधगया से सारनाथ तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क 'बौद्ध परिपथ' के लिए भरौली क्षेत्र के किसानों की जमीनों को अधिग्रहीत किये जाने की चर्चा को लेकर किसानों में जबरदस्त उबाल है। उनका कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो क्षेत्र के सारे लोग संगठित होकर यमुना हाइवे की तरह मोर्चा लेने में कतई पीछे नहीं हटेगे। जान दे देंगे लेकिन किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे।

बता दें कि क्षेत्र के किसानों की माथे पर चिंता की लकीरे और तेजी के साथ बढ़ने लगी जब उन्हे पता चला कि प्रस्तावित सड़क के लिए भरौली खास, कुमकुम पट्टी व बघौना खुर्द मौजे में कुल 14 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। सबसे बड़ी विडम्बना है कि अगर जमीन अधिग्रहीत की गयी तो इसके दायरे में आबादी से जुड़े हुए भरौली गांव के साथ ही गोलम्बर पर बने सारे कटरे व दुकानों के अलावा उपजाऊ भूमि भी आ जायेगी। अब जैसे-जैसे जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों को नोटिस जारी की जा रही है उनकी चिंता और भी गहराने लगी है। खासकर आबादी के उन सैकड़ों परिवारों की जो जमीन अधिग्रहण के बाद बेघर हो जायेंगे। इसको लेकर क्षेत्र के किसान जिला राजस्व अधिकारी को आपत्ति भी दर्ज करा चुके हैं। यह सड़क पटना से होते हुए बक्सर के सारीमपुर गांव से होकर भरौली, गाजीपुर, सारनाथ तक जायेगी। चर्चा है कि भरौली गांव में चौराहे के पास एक राष्ट्रीय टर्मिनल बस अड्डा के साथ ही एक अतिरिक्त पुल का भी निर्माण किया जायेगा जिसके लिए पर्याप्त जमीन अधिग्रहीत की जायेगी। क्षेत्र के किसान इसको लेकर काफी ऊहापोह में हैं।

महासमर में कामयाबी के लिए झोंकी ताकत!

त्रिस्तरीय पंचायत के लिए महासंग्राम अब मुहाने पर खड़ा है। कभी भी आयोग का शंखनाद हो सकता है। ऐसे में इस महायुद्ध में दोनों ओर के सेनापति अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए धार को पैनी कर रहे हैं। सभी इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि कहीं से कोई कमी न रह जाय। अक्सर दो पक्षों में ही युद्ध होते हैं पर यह युद्ध तिहरा होगा। सभी प्रत्याशी आपस में तो लड़ेंगे ही उनकी लड़ाई प्रशासन से भी होगी। उम्मीदवार येन-केन-प्रकारेण चुनाव को अपने पक्ष में करना चाहेंगे तो प्रशासन का यह लक्ष्य होगा कि चुनाव हर हाल में शांतिप्रिय व निष्पक्ष हो। चुनाव की तैयारियों में लगे प्रत्याशी अब जहां मतदाता सूची से वोटरों का हिसाब किताब कर यह तय करने में जुटे हैं कि चुनाव को अपने पाले में करने के लिए कौन-कौन सी गणित की जाय वहीं प्रशासन भी लेखन सामग्री, नाम निर्देशन पत्र सहित अन्य सामग्रियों की व्यवस्था के अलावा निर्वाचन अधिकारी व सहायक निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति को अंतिम रूप देने में जुटा है। चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए इस बार सत्रह ब्लाकों के सत्रह निर्वाचन अधिकारी, जिला पंचायत के लिए एक निर्वाचन अधिकारी सहित कुल बीस आरओ नियुक्त किये जा रहे हैं। इन अधिकारियों का सहयोग करने के लिए कुल 364 सहायक निर्वाचन अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। साथ ही मतदान को सम्पन्न कराने के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी की जा रही है। संवेदनशील व अति संवेदनशील गांवों की सूची तैयार कर बवाल करने वाले तत्वों को चिन्हित भी किया जा रहा है।

प्रशासन ने तय किया चुनावी रेट

पंचायत चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र व जमानत राशि की घोषणा उप निर्वाचन अधिकारी राम अरज मौर्य ने कर दी है। श्री मौर्य के मुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए नाम निर्देशन पत्र की कीमत 150 रुपये होगी वहीं इसके लिए जमानत राशि के तौर पर धरोहर के रूप में पांच सौ रुपये जमा करने होंगे। ग्राम प्रधान के लिए यह धनराशि क्रमश: राशि तीन सौ रुपये और दो हजार होगी। सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए भी यह राशि प्रधान के बराबर ही होगी। जिला पंचायत का चुनाव लड़ने वालों के लिए नाम निर्देशन पत्र पांच सौ रुपये तथा जमानत राशि चार हजार होगी। सीडीओ राम अरज मौर्य के मुताबिक अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति व महिलाओं के लिए यह राशि सामान्य प्रत्याशियों से आधी हो जाएगी। कहा कि नाम निर्देशन पत्र तो नकद लेकिन जमानत राशि के लिए प्रत्याशियों को ट्रेजरी चालान लेना होगा।

एक रुपये प्रति पृष्ठ की दर से मिलेगी वोटर लिस्ट

चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करने के लिए आवश्यक मतदाता सूची की अभिप्रमाणित प्रति निर्वाचन कार्यालय में प्रति पृष्ठ एक रुपये की दर से ट्रेजरी चालान जमा कर प्राप्त की जा सकती है।

तीस हजार खर्च करेंगे प्रधान

पंचायत चुनाव में एक प्रधान को तीस हजार रुपये चुनाव प्रक्रिया के तहत खर्च करने की आजादी होगी जबकि सदस्य जिला पंचायत के लिए यह राशि पचहत्तर हजार हो जाएगी। सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए खर्च की सीमा पच्चीस हजार होगी किन्तु सदस्य ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने वाले सिर्फ पांच हजार रुपये ही खर्च कर पायेंगे। प्रमुख का चुनाव लड़ने वालों को पचहत्तर हजार रुपये खर्च करने की इजाजत होगी पर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए यह राशि दो लाख रुपये होगी।