Wednesday, February 23, 2011

मन का अहंकार दूर होने से जगता है सेवाभाव !

सेवाभाव तभी जगता है जब मन का अहंकार दूर हो जाये। सेवा निष्छल भाव से होनी चाहिए। युवाओं में अपार ऊर्जा है जरूरत है सिर्फ सेवा के प्रति हृदय में अकूत जिज्ञासा भरने की। यदि इस राष्ट्र के सभी नागरिक यह समझ लें कि सेवा हमारा मूल कर्तव्य है तो हमारा देश आज भी सोने की चिड़ियां बन जायेगा। उक्त विचार कामेश्वर धाम प्रबंधक रमाशंकर जी ने कामेश्वर धाम शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। जमुना राम महाविद्यालय चितबड़ागांव के एनएसएस की छात्राओं ने सामूहिक वन्दना तथा स्वागत गान प्रस्तुत किया। इस विशेष शिविर में जमुना राम महाविद्यालय के एनएसएस के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने स्वयं सेवक सेविका के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान स्वयं सेवियों ने कामेश्वरधाम शिवमंदिर प्रांगण में कई घण्टों शारीरिक श्रम कर साफ-सफाई का कार्य सम्पन्न किया। शिविर में उपस्थित डा. डीएन उपाध्याय, अभय श्रीवास्तव, शिव कुमार कौशिकेय, हरेन्द्र सिंह आदि गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर की अध्यक्षता प्रबंधक डा. धर्मात्मानंद गुप्त तथा संचालन बृजेश गुप्त ने किया।

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