मेहनत व संकल्पित प्रयास कठिन लक्ष्य को पाने से रोक नहीं सकती है। #राष्ट्रीय #रक्षा #अकादमी (#एनडीए) की परीक्षा में #सचिन ने अपने पहले ही प्रयास में #फाइटर #पायलट के पद पर चयनित होकर परिवार ही नहीं पूरे क्षेत्र का मान गर्व से ऊंचा कर दिया है। नगर के वार्ड सं.तीन निवासी व्यापारी #कृष्ण #कुमार #मद्धेशिया के दूसरे नंबर की संतान #कुमार #सचिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा #बिल्थरारोड व #रसड़ा से ग्रहण की थी। सचिन हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई के लिए #सैनिक #स्कूल #घोड़ाखाल #उत्तराखंड चले गए। देश रक्षा सेवा की परीक्षा एनडीए में #बरेली से शामिल होकर #फाइटर #पायलट पद पर चयनित हुए। #सचिन की इस उपलब्धि से परिवार व क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरी तरह से व्यापारिक जगत से जुड़े इस परिवार में सरकारी नौकरी पाने वाले सचिन पहले सदस्य हैं। सचिन ने इस सफलता के पीछे दादा #वशिष्ठ #नारायण #मद्धेशिया के आदर्श व पिता #कृष्ण #कुमार #मद्धेशिया के भावनात्मक सहयोग को अहम बताया। कहा कि बड़े भाई #अभिषेक द्वारा हौसला बढ़ाते रहने की बदौलत ही पढ़ाई के दौरान हिम्मत को कभी टूटने नहीं दिया।
Monday, March 6, 2017
Friday, December 23, 2016
अध्यात्मिक परिपथ के तहत धार्मिक केंद्रों के सुंदरीकरण के लिए मिले पांच करोड़ रुपये

सहतवार में भी मिले करीब सवा करोड़
रेवती : सांसद सलेमपुर र¨वद्र कुशवाह के प्रतिनिधि विजय प्रताप ¨सह ने गायघाट में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सांसद के प्रयास से पचरूखा देवी मंदिर गायघाट व चैन राम बाबा समाधि स्थल सहतवार को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए क्रमश: 95,27,600 रुपये व 29,02000 रुपये स्वीकृत किया गया है।
Monday, December 19, 2016
सब्जी विक्रेता ने लगवाई स्वाइप मशीन

इसके अलावा सिटी ब्रांच, मुख्य शाखा मिड्ढी और चौक शाखा पर कैंप का आयोजन किया गया। इसमें करीब तीन सौ व्यापारी, दुकानदार फल विक्रेता आदि ने मशीन लगाने का आवेदन जमा किया।
Friday, November 4, 2016
आस्था के महापर्व डाला छठ की प्रासंगिकता

12 वर्ष बाद है ऐसा संयोग : ओमप्रकाश चौबे: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पर इस वर्ष कार्तिक शुक्ल षष्ठी को बारह वर्ष के बाद ऐसा खास संयोग भी बन रहा है । जयप्रकाशनगर के दलजीत टोला निवासी आचार्य ओमप्रकाश चौबे के अनुसार पहला अर्घ्य रविवार को होने और चंद्रमा के गोचर में रहने से सूर्य आनंद योग का संयोग बन रहा है। यह खास संयोग लगभग 12 वर्षों के बाद बना है।
बरसेगी महालक्ष्मी की भी कृपा: इस बार के छठ महापर्व पर चंद्रमा और मंगल के एक साथ मकर राशि में रहने से महालक्ष्मी की भी कृपा व्रतियों पर बरसेगी। वहीं चंद्रमा से केंद्र में रहकर मंगल के उच्च होने या स्वराशि में होने से पंच महापुरुष योग में एक रुचक योग भी षष्ठी-सप्तमी को बनेगा।
छठ महापर्व का चार दिवसीय कार्यक्रम:
-नहाय-खाए : 4 नवंबर (शुक्रवार)
-खरना-लोहड़ : 5 नवंबर (शनिवार)
-सायंकालीन अर्घ्य-6 नवंबर (रविवार)
-प्रात:कालीन अर्घ्य : 7 नवंबर (सोमवार)
-सायंकालीन अर्घ्य का समय :- शाम 5.10 बजे
-प्रात:कालीन अर्घ्य का समय : प्रात: 6.13 बजे
कैसे करें छठ पर सूर्य उपासनाडाला छठ चार दिनी आयोजन है। इस व्रत में व्रती महिलाओं को इस व्रत का चार चरण पूरा करना होता है। खाय-नहाय से प्रारंभ यह व्रत उदीयमान सूर्य के अर्घ्य से पूर्ण होता है। छठ व्रत का चरणवार विवरण निम्न है।
खाए नहाय : छठ पूजा व्रत चार दिन तक किया जाता है। इसके पहले दिन नहाने खाने की विधि होती है। जिसमें व्यक्ति को घर की सफाई कर स्वयं शुद्ध होना चाहिए तथा केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन ही करना चाहिए।
खरना : इसके दूसरे दिन खरना की विधि की जाती है। खरना में व्यक्ति को पूरे दिन का उपवास रखकर, शाम के समय गन्ने का रस या गुड़ में बने हुए चावल की खीर को प्रसाद के रूप में खाना चाहिए। इस दिन बनी गुड़ की खीर बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ठ होती है।
शाम का अर्घ्य : तीसरे दिन सूर्य षष्ठी को पूरे दिन उपवास रखकर शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पूजा की सामग्रियों को लकड़ी के डाले में रखकर घाट पर ले जाना चाहिए। शाम को सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घर आकर सारा सामान वैसी ही रखना चाहिए। इस दिन रात के समय छठी माता के गीत गाने चाहिए और व्रत कथा सुननी चाहिए।
सुबह का अर्घ्य : चौथे दिन सुबह-सुबह सूर्य निकलने से पहले ही घाट पर पहुंचना चाहिए। उगते हुए सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य निवेदित कर छठ माता को प्रणाम कर बाद घाट पर छठ माता को प्रणाम कर उनसे संतान-रक्षा का वर मांगना चाहिए। अर्घ्य देने के बाद घर लौटकर सभी में प्रसाद वितरण करना चाहिए तथा स्वयं भी प्रसाद खाकर व्रत खोलना चाहिए।
छठ पर्व की मान्यता:
मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस महाव्रत को निष्ठा भाव से विधिपूर्वक संपन्न करता है वह संतान सुख से कभी अछूता नहीं रहता है । इस महाव्रत के फलस्वरूप व्यक्ति को न केवल संतान की प्राप्ति होती है बल्कि उसके सारे कष्ट भी समाप्त हो जाते हैं ।
Tuesday, August 23, 2016
!! हाई अलर्ट पर बलिया !!
पूर्वांचल के जिलों में तबाही मचा रही गंगा नदी बलिया में 13 साल पुराने जलस्तर पर पहुंच गई है। रविवार सुबह गंगा नदी का जलस्तर 60.28 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 57.61 मीटर से 2.66 मीटर अधिक है। इससे पहले बलिया में गंगा नदी 2003 में 60.25 मीटर तक पहुंची थी। बाढ़ के रौद्र रूप को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।एनएच-31 के बलिया-बैरिया मार्ग पर कई जगहों पर बाढ़ का पानी आने से खतरे को देखते हुए इंजीनियरों के साथ डीएम गोविंद राजू डटे हैं। बैरिया से छपरा तक सड़क मार्ग पर आवागन ठप है। दुबहर से दूबे छपरा रिंग बांध तक के गांवों में तबाही मची है। दूबे छपरा बांध को बचाने की कोशिश जारी है। चौबेछपरा और श्रीनगर गांव का अस्तित्व खत्म होने की ओर है। शहर से सटे महाबीर घाट के निचले इलाकों के लोगों को पलायन करना पड़ा है। चांद दियर इलाके में भी बाढ़ से हड़कंप मचा है। कोट 350 से अधिक नावें और 15 मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगाईं गईं हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील है कि आगे आकर वो लोगों की मदद करें।
गोविंद राजू, डीएम, बलिया, बनारस में गंगा और वरुणा का रौद्र रूप : वाराणसी शहर के साथ तटवर्ती इलाकों में पानी भरने से दो लाख की आबादी चपेट में है। सड़कों-गलियों में नावें चल रही हैं। लोग अपने घरों की छतों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकलकर राहत शिविरों में पहुंचा रही हैं।
मीरजापुर-गाजीपुर में बिगड़े हालात : मीरजापुर और गाजीपुर में भी गंगा के लगातार बढ़ने से दहशत है। मीरजापुर के छानबे, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर और पहाड़ ब्लॉक के 400 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। अकोढ़ी और विंध्याचल के सगरा गांव के पास मीरजापुर-इलाहाबाद मार्ग पर बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। डीएम राजेश कुमार सिंह ने गंगा जलस्तर पर नजर रखने और राहत शिविरों में लंच पैकेट व पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इलाहाबाद में गंभीर होती जा रही स्थिति : इलाहाबाद में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यमुना में तीन सेंटीमीटर जबकि गंगा में अब भी ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। माताटीला बांध से लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि दोनों नदियों का जलस्तर 2013 के स्तर के काफी करीब 85.70 मीटर तक पहुंच गया है। 1978 के बाद 2013 में ही इलाहाबाद में बाढ़ ने तबाही मचाई थी, जब बख्शी बांध में भी दरार आ गयी थी। गंगा, यमुना और टोंस की बाढ़ से पूरा जिला प्रभावित है और अब तक 155 गांव और दो दर्जन मोहल्ले इसकी चपेट में आ चुके हैं।
फतेहपुर में भी खतरा बरकरार : फतेहपुर जिले में भी गंगा और यमुना की बाढ़ से किनारे के गांवों को खतरा है। दोनों नदियों के बीच बसे जिले के तीन दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं और उनका मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। यमुना किनारे के कोर्रा कनक,ललौली, दसौली,पल्कू डेरा, ओनई,धोबिया, लिलरा, देवलान, लामेहता गांवों की आबादी पानी से घिर गई है। लगातार बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी और रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी गईं हैं।
गोविंद राजू, डीएम, बलिया, बनारस में गंगा और वरुणा का रौद्र रूप : वाराणसी शहर के साथ तटवर्ती इलाकों में पानी भरने से दो लाख की आबादी चपेट में है। सड़कों-गलियों में नावें चल रही हैं। लोग अपने घरों की छतों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकलकर राहत शिविरों में पहुंचा रही हैं।
मीरजापुर-गाजीपुर में बिगड़े हालात : मीरजापुर और गाजीपुर में भी गंगा के लगातार बढ़ने से दहशत है। मीरजापुर के छानबे, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर और पहाड़ ब्लॉक के 400 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। अकोढ़ी और विंध्याचल के सगरा गांव के पास मीरजापुर-इलाहाबाद मार्ग पर बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। डीएम राजेश कुमार सिंह ने गंगा जलस्तर पर नजर रखने और राहत शिविरों में लंच पैकेट व पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इलाहाबाद में गंभीर होती जा रही स्थिति : इलाहाबाद में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यमुना में तीन सेंटीमीटर जबकि गंगा में अब भी ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। माताटीला बांध से लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि दोनों नदियों का जलस्तर 2013 के स्तर के काफी करीब 85.70 मीटर तक पहुंच गया है। 1978 के बाद 2013 में ही इलाहाबाद में बाढ़ ने तबाही मचाई थी, जब बख्शी बांध में भी दरार आ गयी थी। गंगा, यमुना और टोंस की बाढ़ से पूरा जिला प्रभावित है और अब तक 155 गांव और दो दर्जन मोहल्ले इसकी चपेट में आ चुके हैं।
फतेहपुर में भी खतरा बरकरार : फतेहपुर जिले में भी गंगा और यमुना की बाढ़ से किनारे के गांवों को खतरा है। दोनों नदियों के बीच बसे जिले के तीन दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं और उनका मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। यमुना किनारे के कोर्रा कनक,ललौली, दसौली,पल्कू डेरा, ओनई,धोबिया, लिलरा, देवलान, लामेहता गांवों की आबादी पानी से घिर गई है। लगातार बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी और रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी गईं हैं।
Monday, March 16, 2015
!!!!!!!!!सुकन्या समृद्धि खाता का शुभारंभ!!!!!!!!

इस दौरान बलिया मंडल की व्यवसाय समीक्षा भी की गई जिसमें योजनाओं पर चर्चा हुई। पीएमजी राकेश कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की योजना में दस वर्ष तक की कन्याओं का खाता खोला जा सकता है। इसके लिए कन्या का जन्म व अभिभावक का निवास तथा पहचान प्रमाणपत्र देना होगा। योजना के तहत खोले गए खाते की पूर्णता कन्या के 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर होगी।
इसमें निम्नतम एक हजार रुपये व अधिकतम डेढ़ लाख तक के निवेश की व्यवस्था दी गई है। इसमें खाता खोले जाने की तिथि से 14 वर्ष तक रुपये जमा करने होंगे। कहा कि इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के बाद कन्या स्वयं खाता संचालित करने की हकदार होने के साथ ही कुल जमा धन में 50 फीसद राशि आहरित कर सकती है। इसमें पूरी राशि पर 9.1 फीसद का ब्याज दिया जाएगा।
बड़ी बात है कि इसमें सरकार ने इनकम टैक्स में भी छूट का प्रावधान किया है। इसके खाते सभी डाकघरों में खोले जाएंगे। योजना के तहत जनपद भर से जुटे पोस्टमास्टर व सहायक पोस्टमास्टर को इसमें अधिक से अधिक खाते खोले जाने को कहा। योजना के शुभारंभ पर डेढ़ सौ से अधिक खाते खोले गए। कार्यक्रम में डाक अधीक्षक बीपी सिंह, अजय सिंह, देशराज सिंह, राम अवधेश यादव, गिरीश तिवारी आदि मौजूद थे।
Tuesday, October 21, 2014
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