Tuesday, December 3, 2013

अमेरिकन सन ओवन' में पकेगा खाना

भारतीय मूल के अमेरिकी मौसम वैज्ञानिक पद्मश्री डा.जगदीश शुक्ल ने पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के निमित्त अनोखी पहल की है। इसकी शुरुआत उनके पैतृक गांव जनपद के विकास खंड बेरुआरबारी अंतर्गत मिड्ढा गांव से होगी।
उनकी पहल पर इस ब्लाक के चार विद्यालयों क्रमश: गांधी महाविद्यालय मिड्ढा, प्राथमिक विद्यालय मिड्ढा, प्राथमिक विद्यालय शिवपुर व उच्च प्राथमिक विद्यालय बेरुआरबारी में मध्याह्न भोजन 'अमेरिकन सन ओवन' से बनेगा।
श्री शुक्ल द्वारा भेजे गए चार ओवन उनके गांव मिड्ढा पहुंच भी चुके हैं। प्रत्येक संयंत्र की कीमत करीब बीस-बीस लाख बताई जा रही है। अमेरिका से आई रीका सालोन संबंधित विद्यालयों में तैनात रसोइयों को इन संयंत्रों को संचालित करने व रखरखाव के गुर सिखाएंगी। इन संयंत्रों के माध्यम से तीन घंटे में दो सौ लोगों का भोजन तैयार हो जाएगा। रीका सालोन के साथ आए आईटी कानपुर के हरिशंकर व रांची के लोकेश के अनुसार धूप न होने की स्थिति में यह संयंत्र एलपीजी के माध्यम से भी संचालित हो सकेगा।
गांधी महाविद्यालय के प्रबंधक श्रीराम शुक्ल व समाजसेवी महेंद्र प्रताप शुक्ल ने मंगलवार को बातचीत के दौरान को बताया कि ये संयंत्र संबंधित विद्यालयों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं रीका सालोन ने बताया कि इन संयंत्रों को यहां भेजने के पीछे डा.जगदीश शुक्ल की मंशा है कि लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरुकता बढ़े। इसका फायदा यह होगा कि पर्यावरण संरक्षण में काफी मदद मिलेगी। उधर गांधी महाविद्यालय में इन संयंत्रों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही और वे इनके बारे में रीका सलोन से विधिवत जानकारी लेते दिखे।

टीडी के छात्रों ने दस स्वर्ण सहित पंद्रह पदक झटके

राजकीय महाविद्यालय ओबरा में आयोजित अंतर-महाविद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दस स्वर्ण सहित पंद्रह पदक हासिल कर परचम लहराने वाले टीडी कालेज के खिलाड़ियों को महाविद्यालय प्रशासन ने सम्मानित किया।
तीस नवंबर से दो दिसंबर के बीच आयोजित त्रिदिवसीय प्रतियोगिता में कालेज के पुरुष व महिला दोनों वर्ग के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। इसमें खिलाड़ियों ने दस स्वर्ण, चार रजत व एक कांस्य पदक हासिल किया। टीम में शामिल अश्वनी कुमार सिंह सौ मीटर, राकेश कुमार यादव आठ सौ, अश्वनी सिंह, राकेश यादव, दिलराम यादव, अजय कुमार ने चार सौ गुणे चार मीटर में तथा अश्वनी, राकेश वर्मा व दिलराम ने सौ गुणे चार मीटर रिले दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही अश्वनी व राकेश यादव ने 15 सौ मीटर में रजत व राकेश यादव ने दस हजार मीटर की दौड़ में कांस्य पदक भी झटके। महिला वर्ग में आशा ने चार सौ मीटर तथा हर्डल दौड़ में रजत पदक हासिल किया। खिलाड़ियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महाविद्यालय ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्राचार्य डा.बीके सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों ने सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय का नाम रोशन करने का काम किया है। प्रदर्शन को देखते हुए महाविद्यालय प्रशासन इनके भविष्य को उच्च्वल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। कार्यक्रम में टीम मैनेजर डा.सूबेदार प्रसाद, डा.राजीव कुमार, डा.अनुराग भटनागर आदि मौजूद थे।

Saturday, November 30, 2013

परचम लहरा लौटे बच्चों का इस्तकबाल

स्वामी विवेकानंद सा‌र्द्धशती जयंती पर विद्या भारती उत्तर प्रदेश द्वारा सुल्तानपुर में आयोजित क्षेत्रीय ज्ञान विज्ञान मेला में मठ नागा जी के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अव्वल स्थान प्राप्त कर बागी भूमि का मान बढ़ाया है। सफलता पाकर लौटे बच्चों का विद्यालय परिवार ने इस्तकबाल किया। मठ नागा जी के आयुष पांडेय, अभिनव प्रकाश सिंह व संतोष पाल ने वैदिक गणित में प्रथम स्थान अर्जित किया। विज्ञान प्रदर्श में सत्यशील व प्रतीक ने जहां प्रथम स्थान प्राप्त किया वहीं प्रीतम सिंह व भानु प्रताप सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय के ही ओमप्रकाश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय के इतिहास में मिली अब तक की बड़ी सफलता पर मेघावी छात्रों को सभी ने सिर आंखों पर बिठाया।
विद्यालय के प्रबंधक अभिषेक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष बलप्रीत सिंह, अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय, प्रशांत पांडेय सहित प्रधानाचार्य बजरंग प्रताप सिंह ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रतियोगिता की तैयारी में बच्चों के साथ लगे आचार्य सूर्यकांत व रविंद्र की भी सभी ने प्रशंसा की।

'लब पर तेरा नाम है मौला और आंखें हैं नम..'

ददरी मेले के ऐतिहासिक भारतेंदु कला मंच पर शुक्रवार की रात कव्वाली का शानदार मुकाबला हुआ। इसमें वाराणसी की रौनक जहां व बलिया के कव्वाल इकबाल वारसी के हुए मुकाबले का लोगों ने जमकर आनंद उठाया। शुरुआत रौनक जहां की प्रस्तुति 'हमको उसकी मोहब्बत में खोना ही था, हादसा ये किसी रोज होना ही था' से हुआ। उन्होंने अपनी अदाओं से श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 'लब पर तेरा नाम है मौला और आंखें हैं नम, दूर कर दे मेरे मौला, ये सभी रंजो गम, तेरे बंदे हैं हम..' सुनाया। कव्वाल इकबाल वारसी भी पीछे क्यों रहते। उन्होंने 'दीन धरम की बात जब आए धर्म मेरा इंसान ही लिखना, जब भी मेरी कहानी लिखना मुझको हिंदुस्तानी लिखना' सुनाकर लोगों के अंदर देश भक्ति का जज्बा भर दिया। कलाकारों ने इस दौरान एक-दूजे पर शब्दों के वाण भी खूब चलाए।
इस मौके पर सभासद शकील अहमद, श्याम जी, ददन यादव, राजकुमार पांडेय आदि मौजूद थे। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत बिल्थरारोड विधान सभा क्षेत्र के विधायक गोरख पासवान ने फीता काटकर किया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता व ईओ संतोष कुमार मिश्र ने सपा नेता जमाल आलम को भृगु स्मृति सम्मान से अलंकृत किया।
मेले में लोकगीत आज
ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक दिसंबर की रात को लोकगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें भोजपुरी व हिंदी फिल्मों के गायक व गायिकाएं भाग लेंगी। इसकी जानकारी देते हुए ईओ संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि इस कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है।

Friday, November 29, 2013

शबाब पर पहुंचा ऐतिहासिक ददरी मेला

जैसे-जैसे दिन बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ऐतिहासिक ददरी मेले की रौनक बढ़ती जा रही है। सामान की खरीदारी के साथ ही लोग मेले का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। ठंड के बावजूद लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ मेले में आ रहे हैं।
मेले में बाहर से आए दुकानदार संडे को देखते हुए सामान की खेप मंगा लिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार संडे को अत्यधिक भीड़ होगी। मेले सबसे अधिक ऊनी कपड़ों व दहेज में देने वाले सामान की बिक्री हो रही है। मेले में झूले व मौत के कुआं वाले आइटम को ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। मेले में लोगों की सबसे अधिक भीड़ गर्म कपड़ों की दुकानों पर रही।
इसके अलावा वे जलेबी, चाट, समोसा, खजला का भी आनंद लेते रहे। हर माल पांच रुपये से लेकर सौ रुपये वाली दुकानों पर महिलाओं की भरी भीड़ रही। मेले में भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं। मीना बाजार एसओ अभय सिंह मेले में आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखे हुए थे। वहीं नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता मेले की साफ-सफाई के लिए अपने कर्मचारियों को लेकर चक्रमण करते रहे।
खूब भा रही सहारनपुर की काष्ठ कला
ददरी मेले में तो दूरदराज से कई दुकानें एक से बढ़कर एक आइटम लेकर आई हुई हैं लेकिन सहारनपुर की काष्ठ कला का कोई जवाब नहीं है। इसमें किचेन से लेकर घर सजाने के सामान हैं। लकड़ी के हस्त निर्मित आइटम लोगों को खूब भा रहे हैं। हाथी, ऊंट, घोड़ा, फोटो फ्रेम, चौकी, बेलना, मछली, पल्टा, फल रखने की टोकरी आदि अनेक आइटम हैं जिनकी डिमांड काफी है। सहारनपुर से आए मो. खालिद ने बताया कि इन आइटमों का निर्माण हाथ से होता है। इसमें पचास रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक के आइटम हैं।
मेले में एक दूसरे का होता है मिलन
ददरी मेला में सिर्फ खरीदारी ही नहीं होती बल्कि रिश्तों की परंपरा को भी कायम रखने में सहयोग मिलता है। मेले में कई परिवारों का मिलन भी होता है। वहीं दूल्हा व दुल्हन एक दूसरे को देख भी लेते हैं

Thursday, November 28, 2013

ददरी मेला शबाब पर, मीना बाजार गुलजार

ऐतिहासिक ददरी मेले का मीना बाजार अब शबाब की ओर बढ़ चला है। दुकानदार भी अपनी दुकानों को समृद्ध करने लगे हैं। गुरुवार को सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के आने का क्रम शुरू हो गया। शाम तक लोगों ने मेले में परिवार के सदस्यों के साथ झूला, सर्कस, नौटंकी, मौत का कुआं आदि का भरपूर आनंद उठाया। इसके बाद आवश्यक सामानों की खरीदारी भी की। मेले में इस समय शाम को ही ज्यादा भीड़ हो रही है। शहर क्षेत्र के लोग अपना काम काज निबटा कर शाम होते ही परिवार के साथ मेले की तरफ रुख कर ले रहे हैं। ठंड को देख लोग मेले में ऊनी कपड़ों की दुकानों पर मोल भाव करते नजर आए।


खादी कंबल की बिक्री तेज
ठंड को देखते हुए मेले में खादी कंबल की बिक्री बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग ठंड में आज भी इसी कंबल का उपयोग करते हैं। लोगबाग इंतजार में रहते हैं कि इसकी खरीदारी वे ददरी मेले में ही करेंगे। 200 से 500 रुपये तक का यह कंबल उन्हें आसानी से मिल जा रहा है। लोग बताते हैं कि इस कंबल से ठंड में काफी राहत मिलती है।
आकर्षण का केंद्र बने प्लास्टिक फूल
ददरी मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं प्लास्टिक के फूल। कानपुर की इस दुकान के फूल बड़े-बड़े शहरों के होटलों व घरों की शोभा बढ़ाते हैं। इस दुकान में 50 से 4000 रुपये तक के फूल व सजावट के सामान हैं। इसमें गुलाब, सूर्यमुखी, कमल, गुड़हल समेत अन्य प्रकार के आकर्षक फूल शामिल हैं। डलिया, कार्नर स्टैंड, ग्लोब, झालर समेत अन्य आइटम आने-जाने वालों को अपनी ओर खींच ले रहे हैं। व्यापारी राजेंद्र रस्तोगी ने बताया कि बड़े शहरों में इस तरह के फूलों व आइटमों की डिमांड ज्यादा है।
शादी विवाह के आइटमों की हुई बिक्री
गुरुवार को मेले में सबसे अधिक शादी विवाह में दूल्हा-दुल्हन को देने के आइटमों की ज्यादा बिक्री हुई। कुछ लोग गिफ्ट आइटमों को पसंद किए तो कुछ ने बक्सा, रजाई, गद्दा, चादर आदि की खरीदारी की।
भूले बिसरों को मिलाती रही पुलिस
ददरी मेले में भीड़ बढ़ने के साथ ही बच्चों के भूलने का सिलसिला भी जारी है। पुलिस ऐसे बच्चों को उनके परिवार वालों से मिलाती रही। दरअसल मेले के थाने में महिला व पुरुष जवानों की टीम लगाई गई है। पुलिस ने अब तक करीब दो दर्जन से अधिक भूले लोगों को उनके परिवार वालों से मिलाया।

Tuesday, November 26, 2013

मेधा की उड़ान, सबने किया सलाम

महज नौ साल की उम्र में नेशनल चेस चैंपियनशिप की उपविजेता बनी सेंट जेवियर्स की छात्रा "रिया मिश्रा" को स्कूल परिसर में मंगलवार को आयोजित समारोह में विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया। रिया यहां कक्षा चार की छात्रा है जो शतरंज के राष्ट्रीय फलक पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रही है। इस मौके पर उसकी मेधा को सबने सलाम किया।
सेंट जेवियर्स के सहायक प्रबंधक अभिनव नाथ तिवारी ने कहा कि प्रतिभा उम्र की कतई मोहताज नहीं होती और रिया ने इसे साबित कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में यह मुकाम हासिल कर लेना आसान नहीं। रिया ने अपनी लगन व कड़ी मेहनत के बल पर इसे हासिल किया है। उसके इस प्रदर्शन से अन्य छात्र-छात्राओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। विद्यालय के चेयरमैन एसबीएन तिवारी ने भी रिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्साह से लबरेज रिया ने कहा कि विद्यालय परिवार ने सम्मान देकर उसकी हौसला आफजाई की है। उसने संकल्प लिया कि बलिया का मान बढ़ाने के लिए वह कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। इस मौके पर रिया के पिता संजय मिश्रा, शतरंज के कोच दुर्गेश तिवारी के अलावा विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन एसके उपाध्याय ने किया। उप प्रधानाचार्य सुभाष सिंह ने आभार व्यक्त किया।