महर्षि भृगु की धरती पर लगने वाला पशु मेला गुरुवार ही को सूना हो गया। इसमें बिहार प्रांत से आये व्यापारी वापस अपने घर पर छठ पूजा में भाग लेने लौट गये। अब मेले में दुधारु पशु भी आने लगे हैं।
नगर के दक्षिणी छोर पर एक पखवारे से अधिक समय तक चलने वाले इस मेले के शुरुआती दौर में बैलों की जोड़ी आती है। इसके बाद दुधारु पशु, भैस, खच्चर, घोड़े आदि किस्म के पशु क्रमवार आते हैं। इसके लिए नगर पालिका परिषद व जिला प्रशासन संयुक्त रुप से व्यवस्था कराता है। शुक्रवार को छठ पूजा होने के कारण नंदी ग्राम से बिहार एवं कुछ लोकल व्यापारी पूजा में शामिल होने के लिए घर चले गये। उम्मीद जताई जा रही है कि छठ पूजा बाद मेला अपने पूरे रौनक में लौट आयेगा।
Thursday, November 11, 2010
Wednesday, November 10, 2010
काहे की हीनता हम भी किसी से कम नहीं!
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत समेकित शिक्षा में विकलांग बच्चों की प्रतियोगिता बीआरसी हनुमानगंज पर आयोजित की गयी। इसमें गायन, छूकर पहचानना, सुलेख, ब्रेल लिपि, कुर्सी दौड़, दौड़, मेढक दौड़ आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं। प्रतियोगिता में कुल 26 बच्चे शामिल रहे। गायन में सुरेश, छूकर पहचानने में सनोज, सुलेख प्रतियोगिता में बाल जी, ब्रेल लिपि में सनोज, कुर्सी दौड़ में मनीष पाल, दौड़ में पूजा तथा मेढ़क दौड़ में रोहित साहू, रस्साकशी में शाहिद प्रथम स्थान प्राप्त किये। इस कार्यक्रम में संजय कुमार सिंह सअ, विजयशंकर सिंह प्रअ, संजय मिश्र, कुसुम लता, किरन कांत कौल, ऊषा, प्रभुनाथ यादव आदि उपस्थित थे। अंत में ब्लाक समन्वयक हनुमानगंज सुरेश चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुरली छपरा ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर में मंगलवार को आयोजित विकलांग बच्चों की रैली को तहसीलदार बैरिया रामशिरोमणि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान खेलकूद प्रतियोगिता के तहत दौड़ व रस्साकशी के साथ ही गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। रैली में एबीएसए जयराम पाल, बीआरसी समन्वयक रामचंद्र यादव, एनपीआरसी समन्वयक कामता सिंह के अलावा दर्जनों अध्यापक उपस्थित रहे। संचालन अध्यापक अजय कुमार तिवारी ने किया।
मुरली छपरा ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर में मंगलवार को आयोजित विकलांग बच्चों की रैली को तहसीलदार बैरिया रामशिरोमणि ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान खेलकूद प्रतियोगिता के तहत दौड़ व रस्साकशी के साथ ही गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया। रैली में एबीएसए जयराम पाल, बीआरसी समन्वयक रामचंद्र यादव, एनपीआरसी समन्वयक कामता सिंह के अलावा दर्जनों अध्यापक उपस्थित रहे। संचालन अध्यापक अजय कुमार तिवारी ने किया।
Saturday, November 6, 2010
किसानों को नहीं मिल रहा खाद-बीज !
इन्दरपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पर बिचौलियों का दबदबा कायम रहने से खाद-बीज प्राप्त करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिछले दिनों उक्त गोदाम पर डीएपी खाद व गेहूं बीज की आपूर्ति तो की गयी किन्तु वास्तविक किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। ऐसे में इस क्षेत्र के किसानों को बाजार से महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदना पड़ रहा है।
यहां जब भी किसानों के लिए खाद-बीज की आपूर्ति की जाती है बिचौलिये सक्रिय हो जाते हैं और किसानों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। किसानों का आरोप है कि इस सम्बन्ध में गोदाम संचालक से पूछताछ की जाती है तो वे उल्टे किसानों पर ही गुस्सा उतारने लगते है।
भरपूर मात्रा में डीएपी उपलब्ध
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन दीनानाथ चौधरी ने बताया है कि पीसीएफ में 5000 बोरी डीएपी, एनपीके, एनपीएस एवं बीज भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। जिन समितियों के सचिवों द्वारा उर्वरक एवं बीज का उठान किया गया है वे उर्वरक एवं बीज का वितरण किसानों के बीच करके पुन: अपनी समिति का ड्राफ्ट बनवाकर उर्वरक का उठान करके किसानों के बीच डीएपी का वितरण करना सुनिश्चित करे। वितरण में किसी प्रकार की काला बाजारी बर्दास्त नहीं की जायेगी। जिन किसानों को एनपीके एवं एनपीएस की जरूरत है सचिव उन्हे उक्त उर्वरक उपलब्ध करायें। सहकारिता विभाग द्वारा खाद एवं बीज की कमी नहीं होने दी जायेगी।
यहां जब भी किसानों के लिए खाद-बीज की आपूर्ति की जाती है बिचौलिये सक्रिय हो जाते हैं और किसानों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। किसानों का आरोप है कि इस सम्बन्ध में गोदाम संचालक से पूछताछ की जाती है तो वे उल्टे किसानों पर ही गुस्सा उतारने लगते है।
भरपूर मात्रा में डीएपी उपलब्ध
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन दीनानाथ चौधरी ने बताया है कि पीसीएफ में 5000 बोरी डीएपी, एनपीके, एनपीएस एवं बीज भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। जिन समितियों के सचिवों द्वारा उर्वरक एवं बीज का उठान किया गया है वे उर्वरक एवं बीज का वितरण किसानों के बीच करके पुन: अपनी समिति का ड्राफ्ट बनवाकर उर्वरक का उठान करके किसानों के बीच डीएपी का वितरण करना सुनिश्चित करे। वितरण में किसी प्रकार की काला बाजारी बर्दास्त नहीं की जायेगी। जिन किसानों को एनपीके एवं एनपीएस की जरूरत है सचिव उन्हे उक्त उर्वरक उपलब्ध करायें। सहकारिता विभाग द्वारा खाद एवं बीज की कमी नहीं होने दी जायेगी।
वैभव लक्ष्मी संग गणेश को नमन !
धन सम्पदा वैभव की देवी लक्ष्मी और सर्वमंगल के देव गणेश की कार्तिक की अमावस्या दीपावली पर सविधि पूजन अर्चन किया गया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पूजा की धूम रही। सुबह से ही पूरी तैयारी के साथ पूजा की व्यवस्था की गयी। रात होते ही वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवती लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा कर कलश स्थापन किया गया। सविधि आह्वान के साथ, दुग्ध, घृत, मधु, गंगाजल से स्नान करा वस्त्र उपवस्त्र समर्पित कर एकत्रित सामग्री से षोड्शोपचार पूजन अर्चन किया गया। प्रतिमाओं के सामने कलश स्थापित कर घी का दिया जलाकर भक्तों ने अभ्यर्थना की। कमल पुष्पों, मालाओं के साथ ही गंध, धूप, दीप आदि समर्पित किया गया। लक्ष्मी गणेश की पूजा हर घर में सामर्थ्य के अनुसार मूर्तियां व पूजन सामग्री खरीद कर की गयी। सोने, चांदी, पीतल की प्रतिमाओं के अलावा बाजार में कई मुद्राओं मे ंउपलब्ध मृदा प्रतिमाओं को घरों में स्थापित कर पूजन अर्चन किया गया। इसके पूर्व सामर्थ्यनुसार घरों का रंग-रोगन, सफाई-धुलाई करके पवित्र किया गया था। पूजन-अर्चन, आरती के बाद कतिपय प्रतिष्ठानों, घरों में रात्रि जागरण भी किया गया। इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्रों में मूर्तियां स्थापित कर पण्ड़ालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ।
प्रथम आहुति संत रविदास को !
नगरा (बलिया), निप्र: क्षेत्र के पकड़ी हरख बसंत ग्राम पंचायत में वीर भनियां चट्टी पर गुरुवार को नवनिर्वाचित महिला ग्राम प्रधान सुधा देवी ने संत रविदास मंदिर के निर्माण हेतु प्रथम ईट रखा। इस अवसर पर मौजूद ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए ग्राम प्रधान ने कहा कि चुनाव हेतु नामांकन पत्र भरने से पूर्व आप सभी के बीच हमने संकल्प लिया था कि चुनाव हारूं या जीतूं रविदास मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। ग्राम प्रधान ने ग्राम विकास की संकल्पना को भी दोहराया। समारोह को मुन्नू सिंह, ओमप्रकाश सिंह, डा.अच्छेलाल मेवा, गोरख यादव, हरिकिशुन, सत्येन्द्र, प्रमोद कुमार, वीरेन्द्र यादव ने भी सम्बोधित किया। अध्यक्षता अच्छे लाल मेवा व संचालन आनन्द प्रकाश ने किया।
.. मेरी कश्ती वहीं डूबी, जहां पानी भी कम था
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहा दम था, मेरी कश्ती वहीं डूबी जहां पानी भी कम था, यह पंक्तियां जिला पंचायत के लगभग सभी हारे हुए प्रत्याशी चुनाव प्रचार, मतदान एवं मतगणना के दिनों को याद कर गुनगुना ले रहे हैं। जी हां यह दास्तां एक दम सच है जिला पंचायत सदस्य पद के जिन प्रत्याशियों ने छोटे, मझोले एवं बड़े मठाधीशों पर भरोसा किया उन्हीं के द्वारा धोखा दिया गया है तथा जिला पंचायत सदस्य बनने का इनका सपना चकनाचूर होकर रह गया है। ऐसे में चोट खाये प्रत्याशियों के द्वारा मठाधीशों की समीक्षा की जा रही है तथा उनको सबक सिखाने का भी मन बनाया जा रहा है।
विदित हो कि जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव का दायरा लम्बा चौड़ा होने से सम्बंधित प्रत्याशियों को मठाधीशों का सहारा लेना स्वभाविक था। ऐसा नहीं है कि सभी ने ईमानदारी से गुडवर्क नहीं किया लेकिन कुछ ऐसे जरूर रहे जिहोंने जो मांगा वह मिला, बावजूद इसके वे प्रधानी चुनाव से हट कर कुछ भी नहीं किये तथा कुछ ले देकर चुप ही बैठ गये। हो सकता है कुछ प्रत्याशी सब कुछ भूल कर अगले चुनाव का इन्तजार करें किन्तु ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो अपने खर्चे जोड़ घटा धोखेबाज मठाधीशों व समर्थकों को सबक सिखाने की भी जुगत बैठा रहे हैं। फिलहाल वे अपनी कहानी बयां कर मठाधीशों को सामाजिक रूप से क्षति पहुंचाने का प्रयास तो कर ही रहे है।
दोस्त- दुश्मन को लेकर खींचने लगीं लकीरें
बीते दिनों सम्पन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रसड़ा ब्लाक के 65 ग्राम प्रधानों, 85 क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा 3 जिला पंचायत सदस्यों के सिर सेहरा बंध चुका है। अब हार जीत के मद्देनजर ग्रामीण अंचलों में दोस्त दुश्मन को लेकर लकीरे खींचने लगी हैं।
विदित हो कि सम्पन्न हुए चुनावों में जम कर मुर्गा-दारू, बाहुबल व धनबल का जम कर प्रयोग किया गया और ऐसा करने वाले प्रत्याशी कहीं जीते तो कहीं इस प्रयास के बाद भी हार गये हैं।
ऐसे में बौखलाए हारे प्रत्याशी फला व्यक्ति दुश्मन और फलां दोस्त है की सूची तैयार कर अपना गुस्सा उतारने मे लगे हैं। वहीं कुछ गांवों में धोखेबाज समर्थकों की भी खबर ली जा रही है जिसको लेकर अधिकतर गांवों में तनाव बना हुआ है।
विदित हो कि जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव का दायरा लम्बा चौड़ा होने से सम्बंधित प्रत्याशियों को मठाधीशों का सहारा लेना स्वभाविक था। ऐसा नहीं है कि सभी ने ईमानदारी से गुडवर्क नहीं किया लेकिन कुछ ऐसे जरूर रहे जिहोंने जो मांगा वह मिला, बावजूद इसके वे प्रधानी चुनाव से हट कर कुछ भी नहीं किये तथा कुछ ले देकर चुप ही बैठ गये। हो सकता है कुछ प्रत्याशी सब कुछ भूल कर अगले चुनाव का इन्तजार करें किन्तु ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो अपने खर्चे जोड़ घटा धोखेबाज मठाधीशों व समर्थकों को सबक सिखाने की भी जुगत बैठा रहे हैं। फिलहाल वे अपनी कहानी बयां कर मठाधीशों को सामाजिक रूप से क्षति पहुंचाने का प्रयास तो कर ही रहे है।
दोस्त- दुश्मन को लेकर खींचने लगीं लकीरें
बीते दिनों सम्पन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में रसड़ा ब्लाक के 65 ग्राम प्रधानों, 85 क्षेत्र पंचायत सदस्यों तथा 3 जिला पंचायत सदस्यों के सिर सेहरा बंध चुका है। अब हार जीत के मद्देनजर ग्रामीण अंचलों में दोस्त दुश्मन को लेकर लकीरे खींचने लगी हैं।
विदित हो कि सम्पन्न हुए चुनावों में जम कर मुर्गा-दारू, बाहुबल व धनबल का जम कर प्रयोग किया गया और ऐसा करने वाले प्रत्याशी कहीं जीते तो कहीं इस प्रयास के बाद भी हार गये हैं।
ऐसे में बौखलाए हारे प्रत्याशी फला व्यक्ति दुश्मन और फलां दोस्त है की सूची तैयार कर अपना गुस्सा उतारने मे लगे हैं। वहीं कुछ गांवों में धोखेबाज समर्थकों की भी खबर ली जा रही है जिसको लेकर अधिकतर गांवों में तनाव बना हुआ है।
Thursday, November 4, 2010
बीपीएल युवकों को देंगे स्टैण्ड अप प्रशिक्षण !
शहरी क्षेत्रों के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 18 से 35 आयु वर्ग के बीपीएल राशन कार्ड धारक बेरोजगार युवक, युवतियों को जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा स्वरोजगार प्रशिक्षण (स्टैण्ड अप) योजनान्तर्गत बढ़ईगिरी, नलसाजी, मोबाइल रिपेयर, हार्डवेयर एण्ड नेटवर्किंग, ब्यूटीशियन, सिलाई, प्लबिंग, विद्युत वायरिंग आदि ट्रेडों में स्थानीय संसाधनों एवं क्षेत्रीय मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में शासन के निर्देशानुसार आरक्षण देय है। पूर्व में उक्त योजनान्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार आवेदक पात्र नहीं होगा। उक्त जानकारी देते हुए सहायक परियोजनाधिकारी (डूडा) ने समस्त नगरीय निकायों के पात्र लाभार्थियों से नि:शुल्क आवेदन पत्र जनपद मुख्यालय स्थित डूडा कार्यालय या स्थानीय नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत के ईओ से सम्पर्क कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करने को कहा है।
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